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नगर निगम की जमीन नजूल-चारागाह मद में है दर्ज, आवंटन की प्रक्रिया शुरू

नगर निगम के पत्राचार के बाद शुरू हुई नापजोखी की प्रक्रिया, नजूल निरवर्तन नियम-2020 के अनुसार अपनाई जाएगी प्रक्रिया

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कटनी

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Balmeek Pandey

Feb 08, 2026

nagar nigam land registered in Nazul head

nagar nigam land registered in Nazul head

कटनी. नगर निगम कार्यालय, नगर निगम द्वारा संचालित केसीएस स्कूल, हाल ही में निर्मित लाइब्रेरी की जमीन को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक तथ्य सामने आया है। वर्षों से इन शासकीय संस्थानों का संचालन जिस भूमि पर हो रहा है, वह राजस्व अभिलेखों में अब तक नगर निगम के नाम दर्ज नहीं है। यह भूमि वर्तमान में शासकीय नजूल मद और चारागाह मद में दर्ज पाई गई है। जब इस तथ्य की जानकारी नगर निगम के अधिकारियों को हुई, तो उन्होंने तत्काल इस पर संज्ञान लेते हुए पिछले सप्ताह कलेक्टर को पत्र लिखकर उक्त भूमि को नगर निगम के नाम आवंटित किए जाने की मांग की। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
शनिवार को राजस्व निरीक्षक (आरआई) बीडी दुबे एवं पटवारी तुलाराम वर्मा नगर निगम कार्यालय पहुंचे। नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी में संबंधित भूमि की स्थल निरीक्षण एवं नापजोख की गई। नापजोख के दौरान नगर निगम कार्यालय परिसर, केसीएस स्कूल भवन तथा नवीन लाइब्रेरी भवन को शामिल करते हुए पूरे भू-भाग की सीमाएं चिन्हित की गईं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1934 से नगर निगम कार्यालय और पूर्ववर्ती संस्थाएं इस भूमि पर काबिज हैं। दशकों से यहां शासकीय कार्यालय एवं शैक्षणिक संस्थान संचालित हो रहे हैं, बावजूद इसके भूमि का औपचारिक आवंटन आज तक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाया। यह तथ्य न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी संकेत करता है।

1.0520 हेक्टेयर भूमि होगी नाम

राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम कार्यालय, केसीएस स्कूल और लाइब्रेरी खसरा नंबर 1074 सहित दो अन्य खसरा नंबरों की कुल 1.0520 हेक्टेयर भूमि पर स्थित हैं। अब इस संपूर्ण भूमि को नगर निगम के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया विधिवत प्रारंभ कर दी गई है। आरआई बीडी दुबे ने बताया कि इस प्रकरण में नजूल निरवर्तन नियम 2020 के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया के तहत निर्धारित शुल्क भी लगेगा, जिसे नगर निगम को सरकारी कोष में जमा करना होगा। शुल्क जमा होने के बाद ही नामांतरण की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

प्रशासनिक स्तर पर अहम मामला

प्रासंगिक बात यह है कि इतने लंबे समय से नगर निगम का कार्यालय और स्कूल संचालित होने के बावजूद भूमि का विधिवत आवंटन न होना एक गंभीर प्रशासनिक विषय है। अब जब प्रक्रिया शुरू हुई है, तो उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में नगर निगम के नाम दर्ज होकर स्थिति स्पष्ट करेगी, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की संभावना समाप्त हो सकेगी।