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गजब!: लिपिक ने स्वीकारा 17.36 लाख का भ्रष्टाचार, कार्रवाई की बजाय समझौते का बनाया जा रहा दबाव

दोषी को बचा रहे अधिकारी, निगरानी पर गंभीर सवाल

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jan 12, 2026

Corruption in health

Corruption in health

कटनी. सेवानिवृत्त एएनएम सावित्री वर्मा के साथ हुई 17.36 लाख रुपए की धोखाधड़ी उजागर होने के एक पखवाड़े बाद भी स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन के अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की है। हैरानी की बात तो यह है कि जिला अस्पताल में पदस्थ लिपिक राहुल मिश्रा ने कथनों में स्वीकार किया कि उनके द्वारा धोखाधड़ी की गई है, इसके बाद अफसरों की मेहरबानी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। उल्लेखनीय है कि 28 दिसंबर के अंक में पत्रिका ने ‘एएनएम का फर्जी खाता खोलकर हड़पे जीपीएफ व ग्रेच्युटी के 17.26 लाख रुपए’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की। मामला उजागर होने पर कलेक्टर आशीष तिवारी ने जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन अबतक जांच गोल-गोल घूम रही है।
हैरानी की बात तो यह है कि सीएमएचओ द्वारा 1 जनवरी को कलेक्टर को भेजे गए पत्र में कह दिया गया है कि उनकी राशि एक्सिस बैंक खाते में भेज दी गई है। राहुल मिश्रा को सीएमएचओ कार्यालय का कर्मचारी नहीं होने की जानकारी दी है। सीएमएचओ ने कहा कि राहुल मिश्रा सहायक ग्रेड-3 की पदस्थापना सीएस कार्यालय में है। समस्या का निराकरण कराए बगैर टीएल के प्रकरण को विलोपित करने की बात कह दी गई है।

कथन में स्वीकारा अपराध

राहुल मिश्रा स्थानीय कार्यालय पेंशन प्रभारी ने अपने कथनों में स्वीकार किया है कि एएनएम सावित्री वर्मा की सेवानिवृत्ति के पश्चात होने वाले समस्यत स्वत्तों के भुगतान की कुल राशि 17 लाख 35 हजार 499 रुपए मेरे द्वारा आहरित की जाकर एक्सिस बैंक खाते में जमा की गई थी। उक्त राशि मैं सेवानिवृत्त कर्मचारी को लौटा दूंगा। इस राशि को लौटाने के लिए दो माह का समय मांगा गया है। कर्मचारी ने यहां तक कहा है कि मेरी व पैत्रिक संपत्ति जिसका खसरा नंबर 270 है, जिसका रकबा 0.8000 हेक्टेयर है, जिसकी कीमती 25 लाख है, जिसे बेचकर मैं लौटाऊंगा।

यह है मामला

जानकारी के अनुसार सावित्री देवी वर्मा पति जगदीश प्रसाद वर्मा (72) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहोरीबंद अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बतौर एएनएम पदस्थी थीं। 31 अगस्त 2016 को सेवानिवृत्त हो गईं थीं। सावित्री वर्मा को ग्रेच्यूटी और जीपीएफ के 17 लाख 36 हजार 399 रुपए के मिलने थे। इस संबंध में तत्कालीन सीएमएचओ अशोक चौदहा के द्वारा एक साथ 22 सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की राशि जारी करने के आदेश किए थे, लेकिन आजतक राशि नहीं मिली। 9 वर्ष तक महिला चक्कर काटती रही।

फर्जी खाता खोलकर नकद, एटीएम व चेक से निकाले रुपए

इस पूरे मामले में यह बात सामने आई है कि स्वास्थ्य विभाग के दो कर्मचारियों ने सावित्री वर्मा का एक्सिस बैंक में फर्जी तरीके से खाता खुलवाकर सैलरी व पेंशन खाते से अलग जाकर उसमें राशि डाल दी गई और 17.36 लाख रुपए नकद, एटीएम व चेक के माध्यम से गबन कर लिए गए। सबसे पहले 500 रुपए एसबीआई के मेन ब्रांच के एटीएम से 500 रुपए निकालकर चेक किया गया और फिर 144 बार एटीएम आदि का प्रयोग कर 17.36 लाख रुपए निकालकर हड़प लिए गए। बताया जा रहा है कि अन्य कर्मचारियों की राशि भी डाली गई है। लाखों रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया है।

अब शिकायत वापस लेने दबाव

वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी पीडि़त व असहाय महिला को राशि दिलाए जाने की बजाय शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। समझौता न करने पर धमकी दी जा रही है। पीडि़ता व उनके परिजनों पर दबाव डाला जा रहा है। 6 जनवरी को बेटी रीतू बर्मन ने कलेक्टर को शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अबतक समस्या का समाधान नहीं हो सका।

इनका कहना है

इस मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के लिए जेडी कार्यालय को पत्र लिखा गया है।

डॉ. राज सिंह, सीएमएचओ।


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