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Rajasthan budget 2026 : करौली-हिण्डौन फोरलेन पर टिकी निगाहें, बजट में स्वीकृति से बदल सकती है जिले की तस्वीर

करौली-हिण्डौन फोरलेन को लेकर जिलेवासियों की उम्मीदें एक बार फिर राज्य बजट से जुड़ गई हैं। बजट घोषणा वर्ष 2024-25 में करौली-हिण्डौन मार्ग के फोरलेन निर्माण के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के लिए 60 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई थी।

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करौली. जिला मुख्यालय से निकल रहा हाइवे। पत्रिका

करौली। करौली-हिण्डौन फोरलेन को लेकर जिलेवासियों की उम्मीदें एक बार फिर राज्य बजट से जुड़ गई हैं। बजट घोषणा वर्ष 2024-25 में करौली-हिण्डौन मार्ग के फोरलेन निर्माण के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के लिए 60 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई थी। इसके तहत राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (आरएसआरडीसी) के परियोजना निदेशक द्वारा डीपीआर तैयार कराई जा चुकी है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 178.61 करोड़ रुपए है। यह डीपीआर उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है।

अब क्षेत्रवासियों की निगाहें आगामी राज्य बजट पर टिकी हुई हैं, जिसमें इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के लिए राशि स्वीकृत होने की उम्मीद की जा रही है। वर्तमान में करौली-हिण्डौन मार्ग काफी संकरा है और इस पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। भारी यातायात के कारण सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे आमजन को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दुर्घटनाओं की स्थिति भी बनी रहती है।

यह मार्ग केवल स्थानीय यातायात के लिए ही नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तरप्रदेश, गुजरात और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु प्रसिद्ध तीर्थस्थल कैलामाता दरबार और करौली स्थित मदनमोहनजी मंदिर के दर्शन के लिए इसी मार्ग से होकर आते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण सड़क पर दबाव और अधिक बढ़ जाता है।

उल्लेखनीय है कि इस मार्ग पर टोल वसूली भी की जा रही है, बावजूद इसके सड़क की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे में फोरलेन सड़क का निर्माण होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि लंबे समय से करौली-हिण्डौन फोरलेन की मांग कर रहे हैं।

डीपीआर को भी मिले हरी झण्डी

राज्य सरकार ने परिवर्तित बजट घोषणा 2024-25 में करौली-हिण्डौन मार्ग स्थित पांचना बड़े पुल पर फोरलेन के साथ उच्च स्तरीय पुल और बायपास निर्माण के लिए डीपीआर की घोषणा की थी। सार्वजनिक निर्माण विभाग करौली की ओर से डीपीआर तैयार कराकर 388.90 करोड़ के प्रस्ताव सरकार को भिजवाए जा चुके हैं। अब बजट में इन प्रस्तावों को भी हरी झण्डी मिलने का इंतजार है। गौरतलब है कि जिला मुख्यालय के हाइवे पर लगातार वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। शहर में घनी आबादी क्षेत्र से हाइवे निकल रहा है। बायपास बनने यातायात का दबाव कम होगा।

यात्रियों को मिलेगा फायदा

पांचना पुल पर हाई लेबल ब्रिज बनने से बड़ा फायदा मिल सकेगा। वर्तमान में महज 3 मीटर के पुल पर आवागमन के दौरान परेशानी होती है, प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहनों की आवाजाही इसी मार्ग से होती है। वहीं यह क्षतिग्रस्त भी होने लगा है। पुल की चौड़ाई व सुरक्षा दीवारों की ऊंचाई कम है। ऐसे में यदि वाहन कभी अनियंत्रित हो जाए तो खतरे की आशंका बनी रहती है।

वहीं एक तरफ से वाहन आने पर दूसरी ओर के वाहन थम जाते हैं। चैत्र माह में प्रसिद्ध कैलामाता के भरने वाले लक्खी मेले में तो स्थिति विकट हो जाती है। क्योंकि उस दौरान लाखों लोगों की भीड़ का आवागमन होता है।

विभाग की मंशा नया पुल बनाने की है, जिसके तहत मांढ़ई गांव से बड़ा पांचना पुल की ओर आ रहे घुमाव को खत्म करते हुए नए पुल के जरिए नदी के दूसरे छोर की सड़क को जोड़ा जाएगा, जिसकी लम्बाई लगभग एक किलोमीटर होगी। नए पुल के साथ ही फोर लाइन सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे वाहनों और यात्रियों की आवाजाही सुगमता से हो सकेगी।

आस्था की डगर भी हो सुगम

करौली-हिण्डौन के अलावा आस्थाधाम कैलादेवी की सड़क के भी फोर लेन करने की दरकार है। यदि सरकार बजट में करौली से कैलादेवी सड़क के भी फोरलेन की घोषणा करे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि कैलामाता के दर्शन के लिए वर्षभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, ऐसे में लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलेगा। चूंकि करौली-हिण्डौन फोरलेन के लिए डीपीआर बन चुकी है, ऐसे में बजट में इस सड़क के साथ ही करौली-कैलादेवी के लिए भी फोरलेन में शामिल कर राशि स्वीकृत हो जाए तो जिलेवासियों को बड़ा फायदा मिल सकेगा।