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Karauli: पीएम किसान योजना में वसूली पड़ी महंगी, एसडीएम के निर्देश पर ई-मित्र संचालक ब्लैकलिस्ट

करौली के टोडाभीम उपखंड के कंजौली गांव में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के नाम पर किसानों से 2500 रुपए वसूलने पर ई-मित्र संचालक को ब्लैकलिस्ट किया गया। जांच में वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी सामने आने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की।

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करौली

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Arvind Rao

Feb 13, 2026

PM Kisan Yojana

PM Kisan Yojana (Patrika Creative Image)

Karauli News: टोडाभीम उपखंड के गांव कंजौली में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के नाम पर किसानों से अवैध रूप से पैसे वसूलने का गंभीर मामला सामने आया है। ई-मित्र संचालक के बारे में लगातार उपखंड प्रशासन को शिकायत मिल रही थी, जिसको लेकर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की टीम द्वारा किए गए जांच में अजेश ई-मित्र सेवा केंद्र कंजौली द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि की राशि दिलवाने के एवज में किसान से 2500 रुपए लिए जाने पर ई-मित्र सेवा केंद्र को ब्लैकलिस्टेड किया गया है।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना पूरी तरह से निःशुल्क है और इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क लिया जाना नियमों के विरुद्ध है। जांच रिपोर्ट में ई-मित्र संचालक की भूमिका संदिग्ध और दोष पूर्ण पाई गई। इसके बाद उपखंड अधिकारी अमन चौधरी ने मामले को वित्तीय अनियमितता, धोखाधड़ी और फ्रॉड की श्रेणी में मानते हुए कड़ी कार्रवाई की।

ई-मित्र सेवा केंद्र ब्लैकलिस्ट

एसडीओ अमन चौधरी के निर्देश पर अजेश कुमार ई-मित्र सेवा केंद्र, कंजौली को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। साथ ही संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि इस तरह की अनियमितताओं पर कड़ी नजर रखी जाए, ताकि भविष्य में किसानों के साथ किसी भी प्रकार की ठगी न हो सके। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि पीड़ित किसान लिखित शिकायत और साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं तो आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी सरकारी योजना के नाम पर किसी को भी पैसे न दें। पीएम किसान सम्मान निधि सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाएं पारदर्शी हैं और इनमें किसी बिचौलिए या शुल्क की आवश्यकता नहीं होती।

यदि कोई व्यक्ति या संस्था योजना का लाभ दिलाने के नाम पर धन की मांग करती है तो इसकी तुरंत सूचना प्रशासन या संबंधित विभाग को दें। यह कार्रवाई न केवल दोषी ई-मित्र संचालक के लिए चेतावनी है, बल्कि अन्य सेवा केंद्रों के लिए भी सख्त संदेश है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।