25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान के किसान ने 5 लाख में खरीदी भैंस, एक दिन में देती है इतने लीटर दूध, जानें खासियत

समीपवर्ती गांव खेड़ी में पशुपालक अनिल डागुर द्वारा खरीदी गई भैंस इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

2 min read
Google source verification

भैंस खरीद कर ले जाता खेड़ी गांव का पशुपालक: फोटो पत्रिका

हिण्डौनसिटी (करौली)। समीपवर्ती गांव खेड़ी में पशुपालक अनिल डागुर द्वारा खरीदी गई भैंस इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। अनिल ने क्यारदा खुर्द निवासी नाहर सिंह पहलवान से हरियाणा की प्रसिद्ध मुर्रा नस्ल की उच्च गुणवत्ता वाली भैंस को 5 लाख 21 हजार रुपए में खरीदा है। बताया जा रहा है कि यह भैंस प्रतिदिन करीब 27 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है।

पशुपालक के अनुसार इस भैंस की खासियत यह है कि यह देशभर में चर्चित रहे युवराज भैंसे की नस्ल से जुड़ी हुई है। इसकी संतति को लेकर पशुपालन जगत में विशेष रुचि बनी हुई है। नाहर सिंह के पास यह भैंस करीब तीन साल से थी और इसकी दो बार संतति भी हो चुकी है। क्षेत्र सबसे महंगी भैंस का सौदा सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

सामान्य भैंस और मुर्रा में बड़ा अंतर

सामान्य भैंस जहां 8-12 लीटर दूध देती है, वहीं मुर्रा नस्ल वाली भैंसें 15-20 लीटर तक दूध देती हैं। नाहर सिंह को वर्ष 2016 में पशुपालन विभाग द्वारा राज्य स्तरीय पशुपालक सम्मान समारोह में प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया था। उनके बाड़े में वर्तमान में 10-11 भैंसें हैं, जिनकी कीमत 3.5- 4 लाख रुपए तक बताई जाती है।

देखभाल और खानपान है खास

पशुधन प्रसार अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि अधिक दूध देने वाली भैंस को सूखे व हरे चारे के साथ कैल्शियम और मिनरल की दवाएं दी जाती हैं। क्षेत्र में मुर्रा नस्ल की ब्रीडिंग होने से भैंसों में 90 प्रतिशत तक मुर्रा के लक्षण आ गए हैं, जिससे दूध उत्पादन भी बढ़ा है। पशुपालक अनिल डागुर ने बताया कि अभी भैंस गर्भकाल में है, एक पखवाड़े में व्यात के बाद दूध देना शुरू होगा।

इनका कहना है
मुर्रा नस्ल की भैंस 30 से 35 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती है। क्रमिक रूप से मुर्रा से ब्रीडिंग कराने पर लक्षणों में शुद्धता और दूध की मात्रा दोनों बढ़ती हैं। खेड़ी गांव के पशुपालक द्वारा खरीदी गई भैंस में मुर्रा नस्ल की अधिक प्युरिटी है, जिसके चलते यह प्रतिदिन 27 लीटर दूध दे सकती है।

डॉ. बनैसिंह मीणा, उपनिदेशक
राजकीय बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय, हिण्डौनसिटी