कानपुर, Jun 02, 2026

कैबिनेट मंत्री संजय निषाद (फोटो-पत्रिका)
Sanjay Nishad Political Statement: कानपुर देहात पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री तथा निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने आगामी विधानसभा चुनाव और प्रदेश की सियासत को लेकर कई बड़े बयान दिए। उन्होंने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि जनता अब विकास, स्थिरता और वास्तविक जनकल्याण की राजनीति चाहती है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला और उनके गठबंधन व नीतियों को लेकर सवाल उठाए।
संजय निषाद ने कांग्रेस को “डूबता हुआ जहाज” बताते हुए कहा कि पार्टी अब जनता का भरोसा खो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जो दल कांग्रेस के साथ गठबंधन करते हैं, उन्हें भी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ता है। मंत्री ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी का गठन ही कांग्रेस की नीतियों के विरोध में हुआ था, ऐसे में दोनों दलों का एक साथ आना केवल राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल सत्ता पाने के लिए गठबंधन कर रहा है, जबकि जनता के मुद्दों से उसका कोई सीधा जुड़ाव नहीं है।
समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए मंत्री ने निषाद समाज के एक पुराने आंदोलन का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान आंदोलनरत लोगों पर कार्रवाई हुई थी और एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत भी हो गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय कई लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए और निषाद समाज को परेशान किया गया था। यह मुद्दा उठाकर उन्होंने समाजवादी पार्टी की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
गाय को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर संजय निषाद ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति में माता के समान है और लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने अपील की कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने से बचना चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी के एनकाउंटर संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि अपराध और कानून व्यवस्था को धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अपराधियों पर कार्रवाई होने के बावजूद राजनीति कर रहा है।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि मनुष्य केवल जैविक प्राणी नहीं, बल्कि एक सामाजिक और राजनीतिक प्राणी भी है। मनुष्य की सोच और निर्णय धर्म व मान्यताओं से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है, इसलिए यदि किसी भारतीय के भोजन में गाय की चर्बी होने की बात कही जाए तो वह इसे स्वीकार नहीं करेगा।
इसी तरह उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग भी सूअर से जुड़े भोजन को स्वीकार नहीं करते। उनके अनुसार यह धार्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रभाव है। मंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं के बावजूद भावनात्मक समन्वय का देश है और ऐसे मुद्दों पर राजनीति या विपक्ष की बयानबाजी उचित नहीं है।
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Published on: 02 Jun 2026 08:39 pm

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