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लैंबॉर्गिनी केस में बड़ा आदेश: 8.30 करोड़ की जमानत पर थाने से बाहर निकली करोड़ों की कार

Lamborghini Accident Case:कानपुर में लैंबॉर्गिनी हादसे के मामले में सीजेएम अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। ग्वालटोली थाने में सीज लग्जरी कार को 8.30 करोड़ रुपये की जमानत और अंडरटेकिंग पर रिलीज करने की अनुमति दी गई।

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कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी कार हादसे के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सूरज मिश्रा की अदालत ने आदेश पारित किया है। अदालत ने कानपुर के ग्वालटोली थाना में सीज कर रखी गई करोड़ों रुपये की लग्जरी कार को शर्तों के साथ अवमुक्त (रिलीज) करने के निर्देश दिए हैं।अदालत ने स्पष्ट किया कि वाहन मालिक को कार की सुपुर्दगी पाने के लिए 8 करोड़ 30 लाख रुपये की जमानत राशि जमा करनी होगी। इसके साथ ही एक लिखित अंडरटेकिंग भी दाखिल करनी होगी, जिसमें यह शर्त होगी कि मुकदमे के दौरान न तो कार बेची जाएगी और न ही उसके रंग, इंजन, चेचिस या किसी अन्य हिस्से में कोई परिवर्तन किया जाएगा।सभी शर्तों का पालन करते हुए वाहन मालिक ने रिलीज ऑर्डर प्राप्त किया, जिसके बाद देर रात थाने से लैंबॉर्गिनी कार को औपचारिक रूप से रिलीज कर दिया गया।

कोर्ट ने माना कि शर्तों के साथ कार को किया जा सकता है रिलीज -

कार की रिहाई के लिए शिवम मिश्रा की ओर से उनके अधिवक्ता सुनील कुमार ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इस पर सुनवाई के दौरान सीजेएम अदालत ने पुलिस से आपत्ति रिपोर्ट तलब की और तकनीकी विशेषज्ञों से कार की मैकेनिकल जांच रिपोर्ट भी मंगाई। सभी तथ्यों, पुलिस रिपोर्ट और तकनीकी परीक्षण के निष्कर्षों पर विचार करने के बाद अदालत ने यह माना कि जांच के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और कार को शर्तों के साथ रिलीज किया जा सकता है।

इससे पहले कोर्ट ने शिवम मिश्रा को निजी मुचलके पर किया था रिहा -

इससे पहले अदालत ने शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी को परिस्थितियों में अनुचित मानते हुए उन्हें 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया था। अब ताजा आदेश के बाद विवादित लैंबॉर्गिनी कार के मालिक को निर्धारित जमानत और अंडरटेकिंग दाखिल करने के पश्चात वाहन वापस मिल सकेगा। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना नियमानुसार जारी रहेगी और अदालत के निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाएगा।

7 फरवरी की है घटना -

मामला 7 फरवरी का है। आर्य नगर क्षेत्र के तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के पुत्र शिवम मिश्रा लैंबॉर्गिनी कार से जा रहे थे। इसी दौरान भैरोघाट चौराहे के पास सड़क पार कर रहे चमनगंज निवासी तौफीक अहमद कार की चपेट में आ गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी और घायल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।वही प्रारंभिक जांच में कार चला रहे व्यक्ति ने सरेंडर किया था, लेकिन पुलिस की विस्तृत विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि हादसे के समय वाहन शिवम मिश्रा चला रहे थे। इसके आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की गई और कार को साक्ष्य के रूप में ग्वालटोली थाने में सीज कर दिया गया था।