
साध्वी प्रेम बाईसा। फोटो: पत्रिका
जोधपुर। बोरानाडा थानान्तर्गत पाल गांव के आरती नगर स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में राज्य की विधि विज्ञान प्रयोगशाला एफएसएल ने विसरा की जांच रिपोर्ट गुरुवार रात पुलिस को सौंप दी। एफएसएल जांच में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर चल रही तमाम अटकलें निर्मूल साबित हुईं।
हालांकि, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर एफएसएल जांच रिपोर्ट का विश्लेषण कर मृत्यु का कारण निकालेंगे, लेकिन एफएसएल जांच रिपोर्ट में जहर अथवा अप्राकृतिक कारणों से साध्वी की मृत्यु होने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद अब मामले में नया मोड़ आ गया है।
स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) ने विभिन्न बिन्दुओं पर विसरा जांच रिपोर्ट मांगी थी। इस रिपोर्ट में साध्वी के शरीर में कोई जहर नहीं मिला। यानी उन्हें जहर नहीं दिया गया था और न ही जहर की पुष्टि हुई है। इतना ही नहीं साध्वी के साथ किसी तरह की अप्रिय घटना होने के प्रमाण भी नहीं मिले हैं।
वहीं, साध्वी प्रेम बाईसा को अस्थमा की बीमारी होने का भी पता लगा। अस्थमा में गत 28 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा को जुकाम हो गया था। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी गई थी। साध्वी ने मेल नर्स देवीसिंह को बुलाया था। जिसने डेक्सोना व डायनापार इंजेक्शन लगाए थे। अब एफएसएल जांच रिपोर्ट का विश्लेषण करने के बाद महात्मा गांधी अस्पताल के डॉक्टर मृत्यु का कारण निकालेंगे।
गत 28 जनवरी को आश्रम में तबीयत खराब होने के बाद साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उन्हें पाल रोड पर प्रेक्षा अस्पताल लाया गया था, लेकिन तब तक मृत्यु हो चुकी थी। पिता बिरमनाथ की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर 29 जनवरी को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया था। एफएसएल जांच के लिए प्रिजर्व विसरा को दो फरवरी को एफएसएल भेजे गए थे। 11 दिन में एफएसएल जांच पूरी की जा सकी।
साध्वी को डेक्सोना व डायनापार इंजेक्शन लगाए गए थे। कम्पाउण्डर देवीसिंह ने पुलिस को दिए बयान में यह इंजेक्शन साध्वी से मिली पर्ची के आधार पर लगाने की जानकारी दी। पाल रोड पर निजी अस्पताल के डॉक्टर ने पिछले काफी समय से साध्वी की जांच करने तक से इनकार किया था। ऐसे में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इंजेक्शन किसने लिखे थे?
इस मामले में पुलिस पूरी तरह सावचेती बरत रही है। सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) छवि शर्मा की अगुवाई में एसआइटी गठित की गई थी। एसीपी छवि शर्मा स्वयं एफएसएल जांच रिपोर्ट लेकर आईं थी। फिलहाल पुलिस ने एफएसएल जांच रिपोर्ट के बारे में कुछ भी खुलासा नहीं किया है।
Updated on:
13 Feb 2026 10:39 am
Published on:
13 Feb 2026 07:47 am
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