
अभिनेता सलमान खान। फाइल फोटो- पत्रिका
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में 1998 के बहुचर्चित काला हिरण शिकार प्रकरण ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। फिल्म अभिनेता सलमान खान और अन्य आरोपियों से जुड़े इस मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने स्वयं को अलग कर लिया, जिसके बाद अब यह प्रकरण दूसरी बेंच के समक्ष रखा जाएगा।
करीब तीन दशक पुराने इस मामले में सलमान खान की सजा के खिलाफ दायर आपराधिक अपील और राज्य सरकार की ओर से सह-आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ प्रस्तुत ‘लीव टू अपील’ पर एक साथ सुनवाई प्रस्तावित थी। हालांकि बेंच परिवर्तन और तकनीकी प्रक्रियाओं के चलते अब आगे की सुनवाई नई बेंच की ओर से की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1998 में फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान जोधपुर जिले के कांकाणी गांव में दो काले हिरणों के शिकार का मामला दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में मुख्य आरोपी सलमान खान को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जोधपुर की अदालत ने 5 अप्रेल 2018 को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
वहीं सह-आरोपी सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू, नीलम और दुष्यंत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था। इसके बाद सलमान खान ने अपनी सजा के विरुद्ध अपील दायर की, जबकि राजस्थान सरकार ने सह-आरोपियों के बरी किए जाने को चुनौती देते हुए लीव टू अपील प्रस्तुत की।
इस बीच, सलमान खान की ओर से पूर्व में ट्रांसफर पिटीशन दाखिल कर यह आग्रह किया गया था कि उनकी अपील और राज्य सरकार की अपील को एक साथ संलग्न कर संयुक्त रूप से सुना जाए। पूर्व सुनवाई के दौरान जस्टिस मनोज कुमार गर्ग ने तकनीकी कारणों से लंबित प्रक्रिया को पूर्ण कर दोनों मामलों को साथ में सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए थे। अब नई बेंच इस प्रकरण में आगे की सुनवाई तय करेगी।
Published on:
16 Feb 2026 05:10 pm
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