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Maha Shivratri 2026: यहां जमीन से 40 फीट नीचे विराजे हैं भोलेनाथ, जानें पातालेश्वर मंदिर का रोचक इतिहास और खासियत

Pataleshwar Mahadev Temple: कटला बाजार स्थित पातालेश्वर महादेव मंदिर अपनी अनोखी बनावट और गहरी आस्था के लिए प्रसिद्ध है। यहां जमीन से करीब 40 फुट नीचे विराजे महादेव के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को सीढ़ियां उतरनी पड़ती हैं।

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पातालेश्वर महादेव मंदिर। फाइल फोटो- पत्रिका

जोधपुर। शहर के व्यस्ततम कटला बाजार क्षेत्र में स्थित एक अनोखा मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां महादेव जमीन से करीब 40 फुट नीचे पाताल में विराजमान हैं, जहां दर्शन करने के लिए भक्तों को लगभग 42 सीढ़ियां उतरनी पड़ती हैं।

साल 1779 में हुआ था निर्माण

जोधपुर शहर के प्रमुख कुंज बिहारी मंदिर परिसर में स्थित पातालेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण साल 1779 (विक्रम संवत 1837) में महाराजा विजय सिंह की पासवान गुलाब राय ने अपने पुत्र शेरसिंह की स्मृति में करवाया था। कुंज बिहारी मंदिर की सीढ़ियां चढ़कर बड़ा बरामदा पार करने के बाद बाईं ओर यह मंदिर स्थित है, जो नीचे की ओर दो मंजिला बना हुआ है।

मंदिर का शिखर करीब 45 फुट ऊंचा

मंदिर में संगमरमर से निर्मित भगवान शिव का शिवलिंग और विनायक जी का विग्रह स्थापित है। श्रावण मास में यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ती है। मंदिर का शिखर करीब 45 फुट ऊंचा है और वर्तमान में देवस्थान विभाग के प्रबंधन में इसका तोरण द्वार स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।

मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से पहुंचता है, बाबा भोलेनाथ उसके संकट दूर करते हैं और जीवन में सुख-शांति प्रदान करते हैं। इसी आस्था के चलते देश ही नहीं, विदेशी श्रद्धालु भी समय-समय पर यहां दर्शन करने आते हैं। साल भर इस मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है।