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Jodhpur Bandh: जोधपुर। यूजीसी एक्ट में किए गए हालिया संशोधनों के विरोध में सामान्य वर्ग के सभी समाज प्रमुखों ने एक फरवरी को जोधपुर बंद का आह्वान किया है। इस संबंध में बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में विभिन्न समाज के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार की ओर से लागू यूजीसी के नए 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस प्रावधान' पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
विभिन्न समाज के वरिष्ठजनों ने इसे काला कानून बताते हुए एक स्वर में मांग की कि उक्त नियम को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। समाज प्रतिनिधियों ने कहा कि यह नियम किसी विशेष वर्ग को जन्म से पीड़ित तथा किसी अन्य वर्ग को जन्म से आरोपी मानने की मानसिकता को बढ़ावा देता है। साथ ही, इसमें आरोप सिद्ध करने के लिए स्पष्ट प्रमाण की अनिवार्यता नहीं रखी गई है, जिससे निर्दोष लोगों के उत्पीड़न की आशंका बढ़ जाती है।
प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य सामाजिक ताना-बाना बनाए रखना है और किसी भी समाज से कोई वैर-भाव नहीं है। जाति-धर्म के बीच सद्भाव और प्रेम बना रहे, यही आंदोलन की मूल भावना है।
सामान्य वर्ग संघर्ष समिति के संयोजक शंभूसिंह मेड़तिया ने बताया कि आंदोलन की अगली कड़ी में 29 जनवरी को शाम 4:30 बजे जालोरी गेट चौराहे पर केंद्र सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही यूजीसी एक्ट को रोल-बैक कराने के लिए हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत भी की जाएगी।
प्रेस वार्ता में अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण फैडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष हस्तीमल सारस्वत, ब्राह्मण महासभा के कन्हैयालाल पारीक, शंभूसिंह मेड़तिया, श्याम सिंह , राजेन्द्र सिंह राठौड़, मानसिंह मेड़तिया व छात्र नेता गजेन्द्र सिंह राठौड़, राजेश सारस्वत, राधेश्याम डागा आदि मौजूद रहे।
Updated on:
29 Jan 2026 11:59 am
Published on:
29 Jan 2026 08:11 am

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