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बच्चों को घर का गमला नहीं, जंगल का पौधा बनाए- संत चन्द्रप्रभ

- ज्ञान वाटिका के बच्चों ने प्रणाम करने के संस्कार जीवन से जोड़ने का लिया संकल्प

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जोधपुर

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Amit Dave

May 26, 2024

बाड़मेर जैन समाज समिति की ओर से ज्ञान वाटिका परिसर, अमृत नगर, पाल रोड़ पर दो दिवसीय प्रवचनमाला आयोजित की गई। प्रवचनमाला के दूसरे दिन रविवार को संत चन्द्रप्रभ सागर महाराज ने कहा कि अपने बच्चों को घर का गमला न बनाएं कि कोई पानी देने वाला न हो तो वे सूख जाए वरन् उन्हें जंगल का पौधा बनाएं ताकि कोई पानी देने वाला न हो तब भी वे अपने बलबूत खड़े रह सके। उन्होंने अभिभावकों को सावधान किया कि अगर वे बच्चों के मोह में अंधे धृतराष्ट बन गए तो उनकी संतानें दुर्याेधन-दुःशासन जैसी निकल जाएगी। बच्चों को प्यार व संस्कार का ऐसा बेहतरीन वातावरण उपलब्ध कराएं कि वे राम, कृष्ण, महावीर की तरह बनने के लिए आत्मप्रेरित हो उठे।

उन्होंने कहा कि हमें जीवन में सेवा, सत्कार, सत्कर्म और सहभागिता के संस्कार जोड़ने चाहिए और बच्चों को भी संस्कार देने के लिए निरंतर प्रयत्न करना चाहिए। बच्चों को केवल जन्म और संपत्ति देने वाले माता-पिता जल्दी भुला दिए जाते हैं, पर वे माता-पिता सदा याद किए जाते हैं, जो बच्चों को संपत्ति के साथ संस्कारों की दौलत भी दिया करते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को कार की बजाए संस्कार दे ताकि परिवार की सरकार अच्छी चल सके। इस अवसर पर डॉ मुनि शांतिप्रिय सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को पुण्य का बैलेंस बढ़ाने की प्रेरणा और मार्गदर्शन दिया। इस दौरान ज्ञान वाटिका के बच्चों ने भाव नृत्य और गुरु भक्ति गीत प्रस्तुत किए।

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