
साध्वी प्रेम बाईसा। फाइल फोटो- पत्रिका नेटवर्क
Sadhvi Prem Baisa Death Case: राजस्थान में साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब इस मामले में एक चश्मदीद ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। चश्मदीद के मुताबिक साध्वी के कमरे से अचानक तेज चीखने की आवाज आई थी जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
साध्वी प्रेम बाईसा के कर्मचारी चश्मदीद सुरेश ने इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है। सुरेश ने बताया कि '28 जनवरी को जब साध्वी की तबीयत बिगड़ी तो उन्होंने ही दाल बनाई थी जो साध्वी के पिता बिरमनाथ ने उनके कमरे में दी थी। सुरेश के मुताबिक कुछ समय बाद साध्वी को सांस लेने में परेशानी होने लगी और कमरे से जोर से चीखने की आवाज भी आई। फिर मुंह से झाग भी निकल रहे थे जिसे बाद में मिटा दिया गया।' सुरेश की गवाही ने इस मामले को और संदिग्ध बना दिया है, और अब पुलिस ये पता करने की कोशिश कर रही है कि यह रिएक्शन इंजेक्शन का था या दाल में कोई जहर मिला था।
महात्मा गांधी अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद साध्वी का शव बालोतरा जिले के परेऊ क्षेत्र स्थित जास्ती गांव ले जाया गया, जहां सोमवार को उन्हें समाधि दी गई। इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया, और साध्वी के पिता, कर्मचारी सुरेश और मामा से पूछताछ की गई। इस दौरान ये भी सामने आया कि साध्वी की तबीयत इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी थी।
साध्वी की मौत के बाद सोशल मीडिया की पोस्ट भी सवालों के घेरे में है जिसमें न्याय मिलने की बाद लिखी है। बताया गया है कि साध्वी की मौत के बाद ये पोस्ट पिता द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड कराई गई थी। जिसमें लिखा है कि 'पूज्य सभी संतों को प्रणाम, मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म से नहीं है। आज अंतिमश्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है। मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया। और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली, मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं व पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा मैंने आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को लिखित पत्र लिखा अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।'
साध्वी के पिता बिरमनाथ और सुरेश से पूछताछ की गई और एफएसएल ने आश्रम से साक्ष्य जुटाए। एफएसएल टीम ने खाना बनाने में प्रयुक्त सामग्री के सैंपल भी लिए हैं। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने घटनास्थल का मुआयना किया और कहा कि जांच पूरी बारीकी से की जा रही है।
Published on:
02 Feb 2026 11:51 am

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