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Sadhvi Prem Baisa: अब FSL रिपोर्ट से खुलेगा साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का राज, पिता सहित इन 3 लोगों के इर्द-गिर्द घूम रही जांच

Sadhvi Prem Baisa Death Case: साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का रहस्य और गहराता जा रहा है। पुलिस की जांच पिता सहित तीन लोगों के इर्द-गिर्द सिमट गई है।

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Sadhvi Prem Baisa

साध्वी प्रेम बाईसा। फोटो: पत्रिका

जोधपुर। साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का रहस्य और गहराता जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद साध्वी प्रेम बाईसा की मौत पर सस्पेंस बरकरार है। ऐसे में अब एफएसएल जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि आखिर प्रेम बाईसा की मौत कैसे हुई। पुलिस ने विसरा को जांच के लिए एफएसएल भेजा है। इसकी जांच रिपोर्ट दो तीन दिन में मिलने की संभावना है।

इस मामले में जोधपुर पुलिस की जांच अब पिता सहित तीन ऐसे लोगों के इर्द-गिर्द सिमट गई है। जिनकी मौजूदगी, भूमिका और बयानों ने पूरे घटनाक्रम पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इन तीनों से अलग-अलग पूछताछ करने के साथ ही आमने-सामने बैठाकर भी बयान दर्ज कर चुकी है। पुलिस अब इनके बयानों का मिलान कर रही है।

बता दें कि साध्वी प्रेम बाईसा का 28 जनवरी संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया था। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जोधपुर के अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। 29 जनवरी को महात्मा गांधी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद साध्वी का शव बालोतरा जिले के परेऊ क्षेत्र में जास्ती गांव ले जाया गया था, जहां 30 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा को समाधि दी गई थी।

डेढ़ घंटे चली पूछताछ के बाद रात में पिता को छोड़ा

जांच के लिए गठित स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) के बुलावे पर साध्वी के पिता बिरमनाथ जोधपुर पहुंचे। पहले मौका मुआयना करने के दौरान साध्वी के पिता बिरमनाथ, कर्मचारी सुरेश व मामा से पूछताछ की गई। एसीपी कार्यालय में भी करीब डेढ़ घंटे की पूछताछ के बाद रात में पिता को छोड़ा गया। इस दौरान डीसीपी व एसआइटी प्रभारी एसीपी छवि शर्मा ने पूछताछ की। बिरमनाथ ने बताया कि साध्वी को अस्पताल के दौरान सीसीटीवी फुटेज में साथ रहने वालों के बारे में जानकारी ली गई।

क्यों इन 3 लोगों के इर्द-गिर्द घूम रही पुलिस की जांच?

1.पिता वीरमनाथ: साध्वी प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वो प्रेम बाईसा के साथ जोधपुर के पाल रोड आरती नगर में बने आश्रम में रहते थे। 28 जनवरी की सुबह साध्वी प्रेम बाईसा को सामान्य जुकाम था। ऐसे में क्लिनिक चलाने वाले देवी सिंह को आश्रम में ​बुलाया। कम्पाउण्डर देवी सिंह ने साध्वी प्रेम बाईसा को जुकाम व गला खराब होने पर दो इंजेक्शन लगाए थे।

इसके बाद साध्वी को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और कुछ ही देर में तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। जिस पर वीरमनाथ ने फोन करके कम्पाउण्डर से पूछा कि कैसा जहरीला इंजेक्शन लगा दिया? लेकिन, कम्पाउण्डर ने बताया कि इंजेक्शन सामान्य था। वीरमनाथ बेटी को लेकर प्रेक्षा अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वीरमनाथ के अनुसार अस्पताल ले जाते वक्त साध्वी ने रोते कहा था कि पापा मैं अब हमेशा के लिए जा रही हूं और कुछ ही देर में बेहोश हो गई थी। वीरमनाथ ने कम्पाउण्डर देवी सिंह के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। लेकिन, बड़ा सवाल ये है कि वीरमनाथ ने पोस्टमार्टम से इनकार क्यों किया था और शव को मोर्चरी की जगह आश्रम क्यों लेकर गए थे।

2. सेवादार सुरेश: आश्रम में सेवादार के तौर पर काम करने वाले सुरेश का कहना है कि तबीयत खराब होने पर कम्पाउण्डर ने दो इंजेक्शन लगाए थे। इसके बाद साध्वी ने खाने के दाल बनवाई थी। वह अक्सर साध्वी के कमरे में खाना लेकर जाता था, लेकिन 28 जनवरी को बिरमनाथ बेटी साध्वी प्रेम बाईसा के लिए दाल लेकर कमरे में गए थे। कुछ देर बाद साध्वी को सांस लेने में परेशानी होने लग गई थी। वह जोर से कहने लगी थी कि उसे सांस नहीं आ रही है। साध्वी को अस्पताल ले जाया गया, तब साध्वी बार-बार कह रही थीं कि पापा मुझे न्याय दिला देना। अस्पताल ले जाते वक्त साध्वी के हाथों के नाखून नीले पड़ चुके थे। प्रेक्षा अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने साध्वी को मृत घोषित कर दिया था। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या खाने में जहर दिया गया था? पुलिस की मौजूदगी में एफएसएल टीम ने आश्रम में कमरे की जांच कर साक्ष्य जुटाए। खाना बनाने में प्रयुक्त होने वाली सामग्री के सैम्पल भी लिए गए हैं।

3. कम्पाउण्डर देवी सिंह : साध्वी प्रेम बाईसा को इंजेक्शन लगाने वाले कम्पाउण्डर देवी सिंह का कहना है कि उसने कोई भी ज​हरीला इंजेक्शन नहीं लगाया था। वह कई सालों से उनके परिवार को जानता था और पहले भी कई बार उपचार करने के लिए आश्रम में आ चुका था। उसका कहना है कि इंजेक्शन सामान्य प्रोटोकॉल के तहत लगाए गए थे। हालांकि, एफएसएल जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि मौत का कारण इंजेक्शन का रिएक्शन था या नहीं। इसके लिए पुलिस ने विसरा को जांच के लिए एफएसएल भेजा है। इसकी जांच रिपोर्ट दो तीन दिन में मिलने की संभावना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी हुई है कि साध्वी प्रेम बाईसा को क्या बीमारी थी और कौन-कौन सी दवाई दी गई थी। जो इंजेक्शन लगाए थे उनकी मात्रा कितनी थी।

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