28 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Liquor Shop License: राजस्थान के इस जिले में शराब ठेका लेने का शानदार मौका, 6 मार्च को 160 दुकानों की नीलामी करेगा आबकारी विभाग

Liquor Shop License: झालवाड़ इस बार इकलौता ऐसा जिला बन गया है, जहां बड़ी संख्या में शराब ठेकेदारों ने अपनी दुकानों का नवीनीकरण नहीं कराया। ऐसे में विभाग सभी दुकानों की ई-नीलामी करेगा।

2 min read
Google source verification
Liquor Shop License

फाइल फोटो-पत्रिका

झालावाड़। राजस्थान में झालावाड़ इकलौता ऐसा जिला बन गया है, जहां शराब ठेकेदारों ने अपनी दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण में रुचि नहीं दिखाई। राज्य के बाकी सभी जिलों में ठेकेदारों ने तय समय सीमा में नवीनीकरण के लिए आवेदन कर दिए हैं, लेकिन झालावाड़ में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इस स्थिति को देखते हुए आबकारी विभाग ने जिले की शराब दुकानों की ई-नीलामी कराने का फैसला किया है, जो आगामी 6 मार्च को आयोजित की जाएगी।

आबकारी विभाग के अनुसार, जिन ठेकेदारों ने समय पर लाइसेंस नवीनीकरण कराया है, वे वर्ष 2029 तक अपनी दुकानों का संचालन कर सकेंगे। नियमों के तहत किसी जिले में कम से कम 70 प्रतिशत क्लस्टर दुकानों का नवीनीकरण होना अनिवार्य है, जबकि झालावाड़ में यह आंकड़ा केवल 58 प्रतिशत तक ही पहुंच सका। इसी कारण विभाग को नवीनीकरण की प्रक्रिया रद्द कर ई-नीलामी का रास्ता अपनाना पड़ा।

76 क्लस्टर में 160 दुकानें

झालावाड़ जिले में कुल 160 शराब दुकानें हैं, जिन्हें 76 क्लस्टरों में विभाजित किया गया है। जानकारों का कहना है कि इस जिले में शराब कारोबारियों पर सबसे अधिक बकाया राशि चल रही है, जिसकी वसूली आबकारी विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। बड़े ठेकेदारों द्वारा भुगतान में टालमटोल और दबाव की रणनीति अपनाए जाने की बात भी सामने आ रही है।

प्रभावशाली लोग चाहते हैं एकाधिकार

सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रभावशाली ठेकेदार जिले में अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहते थे। उनका प्रयास था कि विभाग नवीनीकरण के लिए ली जाने वाली गारंटी राशि में छूट दे, लेकिन ऐसा नहीं होने पर उन्होंने नवीनीकरण में रुचि नहीं ली। इस बीच कई स्थानों पर लाइसेंसी दुकानों की कमी के कारण अवैध रूप से शराब की ब्रांचें संचालित होने की शिकायतें भी मिलीं। हालांकि, बीते कुछ महीनों से पुलिस की सख्ती के चलते अवैध शराब बेचने और पिलाने पर काफी हद तक रोक लगी है।

आबकारी आयुक्त ने क्या कहा?

आबकारी आयुक्त नकाते शिवप्रसाद मदन ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी तरह की मोनोपोली को खत्म करने के लिए 6 मार्च को नए सिरे से ई-नीलामी कराई जा रही है। विभाग को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया के जरिए अधिकांश दुकानें नीलाम हो जाएंगी और राजस्व व्यवस्था पटरी पर लौटेगी।