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BJP ज्वाइन करेंगे बाहुबली धनंजय सिंह? जानें ताजा समीकरण का मतलब

जौनपुर के बाहुबली नेता धनंजय सिंह 2029 लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल होंगे या नहीं, इस पर सियासी कयास हैं।

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क्या धनंजय सिंह 2029 से पहले बीजेपी का दामन थामेंगे?

क्या धनंजय सिंह 2029 से पहले बीजेपी का दामन थामेंगे? Source- X

Dhananjay Singh News: जौनपुर के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता धनंजय सिंह 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल होंगे या नहीं, इस सवाल ने पूर्वांचल की राजनीति में नई हलचल मचा दी है। वर्तमान में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से जुड़े धनंजय सिंह, जो बीजेपी की सहयोगी पार्टी का हिस्सा है। हाल के महीनों में धनंजय सिंह बीजेपी नेताओं के करीब दिखे हैं। वे पार्टी के प्रति सकारात्मक बयान दे रहे हैं, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वे सीधे बीजेपी का दामन थामेंगे।

राजनीतिक और वर्तमान स्थिति

धनंजय सिंह जौनपुर से 2009 में बसपा के टिकट पर सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 2002 और 2007 में निर्दलीय और जेडीयू से विधायक का चुनाव भी जीता था। वर्तमान में वे जेडीयू के साथ हैं, जो एनडीए में बीजेपी की सहयोगी है। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी प्रत्याशियों का खुलकर समर्थन किया था, खासकर जौनपुर से कृपाशंकर सिंह के पक्ष में। उनकी पत्नी श्रीकला रेड्डी ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, जिसने बीजेपी से निकटता के संकेत दिए। हालांकि, धनंजय सिंह पर दर्ज कई अपराधिक मामले (अपहरण, रंगदारी, विस्फोटक आदि) उनकी सीधी एंट्री में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं। 2024 में एक मामले में उन्हें सजा भी हुई थी, हालांकि बाद में जमानत मिल गई।

राजनीतिक विशेषज्ञ अजय शुक्ला की राय

राजनीतिक विश्लेषक अजय शुक्ला ने इस मुद्दे पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि धनंजय सिंह 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ज्वाइन तो कर सकते हैं, लेकिन ऐसा होने की संभावना कम है। वे वर्तमान में जेडीयू के माध्यम से पहले ही बीजेपी से जुड़े हुए हैं। NDA में रहते हुए वे पार्टी को अप्रत्यक्ष समर्थन दे रहे हैं, जिससे बीजेपी को फायदा मिल रहा है। शुक्ला ने आगे कहा कि उनके अपराधिक रिकॉर्ड के कारण बीजेपी उन्हें सीधे पार्टी में शामिल नहीं करेगी। बीजेपी की छवि को ध्यान में रखते हुए, वे सहयोगी पार्टी के जरिए उन्हें साथ रखना पसंद करेगी। इससे दबदबा बरकरार रहेगा और कानूनी मुद्दों से भी बचा जा सकेगा।

पत्नी श्रीकला रेड्डी की संभावित बीजेपी एंट्री

धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी (जौनपुर जिला पंचायत अध्यक्ष) के बारे में अजय शुक्ला ने कहा कि हां, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वे सीधे बीजेपी का हिस्सा बन सकती हैं। अगर ऐसा होता है, तो बीजेपी को बड़ा फायदा होगा। धनंजय सिंह का राजपूत समुदाय से जुड़ाव और जौनपुर, अमेठी तथा वाराणसी के कुछ इलाकों में मजबूत प्रभाव बीजेपी के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। शुक्ला ने बताया कि धनंजय सिंह का दबदबा इन क्षेत्रों में राजपूत वोट बैंक को साधने में अहम भूमिका निभा सकता है। उनकी पत्नी के जरिए बीजेपी इस वोट बैंक को मजबूत कर सकती है, जो पूर्वांचल में निर्णायक होता है।

धनंजय सिंह को क्या मिलेगा फायदा?

अजय शुक्ला ने इस पर बता करते हुए कहा कि इस रणनीति से धनंजय सिंह को सबसे बड़ा फायदा सरकारी संरक्षण का मिलेगा। "अपराधिक मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई से राहत मिल सकती है। बीजेपी के साथ निकटता से उनके प्रभाव क्षेत्र में स्थिरता आएगी और राजनीतिक भविष्य सुरक्षित होगा।

पूर्वांचल की सियासत पर असर

जौनपुर और आसपास के इलाकों में धनंजय सिंह का प्रभाव गहरा है। 2024 में उन्होंने बीजेपी को समर्थन देकर दिखाया कि उनका वोट बैंक कितना मजबूत है। 2027 विधानसभा और 2029 लोकसभा चुनाव में यदि उनकी पत्नी बीजेपी में शामिल होती हैं, तो राजपूत समुदाय के वोटों का सिधा फायदा पार्टी को मिलेगा , जो बीजेपी के लिए पूर्वांचल में गेम-चेंजर साबित होगा। वहीं, विपक्षी दल जैसे सपा और बसपा इस स्थिति को लेकर सतर्क हैं। धनंजय सिंह की राजनीतिक यात्रा बसपा से जेडीयू तक आई है, और अब बीजेपी से निकटता उन्हें पूर्वांचल का 'किंगमेकर' बनाए रख सकती है। यह सियासी समीकरण 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले और तेज हो सकता है, जहां पूर्वांचल की सीटें निर्णायक भूमिका निभाएंगी।


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