
स्वर्णनगरी जैसलमेर की पहचान उसके गौरवशाली इतिहास, सोनार दुर्ग और मखमली धोरों से है। टूरिज्म यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन सुविधाओं और सुरक्षा के स्तर पर अभी भी कई बुनियादी सुधारों की जरूरत महसूस की जा रही है। पर्यटकों से जुड़े विभिन्न लोगों ने संडे बोल : आपकी आवाज के तहत अपनी राय रखी।
जैसलमेर का इतिहास, दुर्ग और धोरों की पहचान ही सबसे बड़ा टूरिज्म ब्रांड है। यदि सरकार गाइडों को विभिन्न भाषाओं में नियमित प्रशिक्षण दे और शहर में अधिक सूचना केंद्र खोले, तो पर्यटकों को भ्रमण करने में काफी सहूलियत मिलेगी। रात के समय सोनार दुर्ग व प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पुलिस गश्त बढ़ाने से विदेशी पर्यटकों का भरोसा और मजबूत होगा।
— पदमसिंह राठौड़, गाइड
पर्यटक सुविधाओं में सबसे बड़ी जरूरत साफ-सफाई, शौचालय और पीने के पानी की है। कई बार छोटी-छोटी परेशानियों के कारण सैलानी असंतुष्ट होकर लौट जाते हैं। डेजर्ट सफारी के दौरान बताई गई सुविधाएं मौके पर नहीं मिलने से निराशा होती है। पर्यटकों के साथ धोखाधड़ी के मामले जैसलमेर की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
— सुनिल कुमार, स्थानीय गाइड
सोनार दुर्ग की घाटियों में चिकने पत्थरों के कारण आए दिन हादसे होते हैं। बुजुर्ग और बच्चे फिसलकर घायल हो जाते हैं। हजारों देसी-विदेशी सैलानी यहां पहुंचते हैं। घाटियों में लगी डाबड़ियों की मरम्मत व टंचाई कर उन्हें सुगम बनाना जरूरी है, ताकि बड़े हादसों से बचा जा सके।
— गजेन्द्रसिंह
सोनार दुर्ग जैसलमेर का सबसे बड़ा आकर्षण केंद्र है। सैलानियों को दुर्ग भ्रमण के लिए अधिकृत गाइड लेना चाहिए, ताकि उन्हें सही ऐतिहासिक जानकारी मिले और वे फ्रॉड, लपकों व अनाधिकृत तत्वों से बच सकें। गाइड व्यवस्था मजबूत होने से टूरिज्म की साख भी बढ़ेगी।
— रेंवताराम
जैसलमेर आने वाले पर्यटकों के लिए सबसे बड़ी जरूरत सही और स्पष्ट जानकारी की है। कई बार ऑनलाइन बुकिंग और मौके पर मिलने वाली सुविधाओं में अंतर होता है, जिससे सैलानी असंतुष्ट होते हैं। यदि प्रशासन पर्यटन सेवाओं की दरें, नियम और संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करे तो भ्रम की स्थिति खत्म हो सकती है।
— लीलाधर सिंह, पर्यटन व्यवसायी
होटल स्तर पर भी सुरक्षाहोटल व्यवसाय से जुड़े अशोक व्यास का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा केवल पुलिस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे में सीसीटीवी, फायर सेफ्टी और आपातकालीन सहायता जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य हों। इससे पर्यटकों को सुरक्षित माहौल मिलेगा और जैसलमेर की सकारात्मक छवि बनेगी।
— अशोक व्यास, होटल व्यवसायी
यातायात व्यवस्था सुधरेस्थानीय निवासी पारसमल मेघवाल का कहना है कि पर्यटन सीजन में शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। संकरी गलियों में वाहनों की भीड़ से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। यदि पर्यटक स्थलों के पास व्यवस्थित पार्किंग और ई-रिक्शा जैसी सुविधाएं बढ़ाई जाएं, तो सैलानियों और स्थानीय लोगों दोनों को राहत मिलेगी।
— पारसमल मेघवाल, स्थानीय निवासी
डिजिटल सुविधाएं बढ़ेंआज के दौर में डिजिटल सुविधा बेहद जरूरी है। क्यूआर कोड, मोबाइल एप और बहुभाषी ऑडियो गाइड जैसी व्यवस्थाएं हों, तो पर्यटक खुद ही सही जानकारी ले सकेंगे। इससे वे लपकों और अनाधिकृत तत्वों से बच सकेंगे।
— इमरान खान
Published on:
07 Feb 2026 10:36 pm
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