
नहरों में सिंचाई पानी की किल्लत से जूझ रहे मोहनगढ़ क्षेत्र के किसानों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अंतिम छोर जीरोआरडी पर किसानों ने अपनी वर्षों की मेहनत और फसलों को बचाने के लिए बेमियादी शुरू किया गया धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। अनिश्चितकालीन धरना स्थल पर दूर-दराज के इलाकों से किसान विभिन्न साधनों से पहुंच रहे है। धरने को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पांच थानों का भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया है। पिछले करीब एक माह से पानी को तरस रहे किसान अब सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। किसानों का कहना है कि खेतों में खड़ी फसलें सूख रही हैं और उनकी मेहनत व उम्मीदें दोनों जलकर राख हो रही हैं। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक नहरों में पूरा सिंचाई पानी नहीं छोड़ा जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने की सूचना मिलते ही एसडीएम सक्षम गोयल सहित नहर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। अधिकारियों की ओर से 600 क्यूसेक पानी देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बार-बार के अधूरे वादों से किसानों का प्रशासन पर भरोसा अब कमजोर पड़ चुका है।
किसान नेता साहबान खां ने बताया कि 27 जनवरी को जिला स्तर पर बड़ा सांकेतिक धरना दिया गया था। उस समय प्रशासन ने 6 फरवरी तक 1400 क्यूसेक और उसके बाद 1700 क्यूसेक पानी देने का भरोसा दिलाया था। इसी आश्वासन पर धरना स्थगित किया गया, लेकिन सिर्फ दो दिन पानी आया और फिर पूरा जोन सूख गया। एक महीने से फसलें बिना पानी के जल रही हैं। यदि 8 फरवरी की सुबह तक हमारे हिस्से का पानी नहीं मिला तो उसी दिन से उग्र आंदोलन व प्रदर्शन किया जाएगा। किसान नेताओं का कहना है कि आश्वासन बार-बार मिलते हैं, लेकिन पानी जमीन तक नहीं पहुंचता। धरने में शामिल किसान नेता चंद्रवीर सिंह भाटी ने प्रशासन से शीघ्र ठोस समाधान की मांग करते हुए कहा कि यदि अब भी किसानों की आवाज नहीं सुनी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने को देखते हुए नाचना वृत्ताधिकारी गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में मोहनगढ़, लाठी, पीटीएम, तनोट व रामगढ़ थानों के थानाधिकारियों सहित भारी पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा। धरने में जवाहर नगर सरपंच प्रतिनिधि किरताराम बेनीवाल, पूर्व सरपंच दोस्त अली, तनेराव सिंह सांखला, शास्त्री नगर सरपंच प्रतिनिधि कुलदीपसिंह बराड़, खुमाराम सियाग, हाजी खां, हबीब खां, आजम खां सांवरा, हसन खां सांवरा, जेठाराम भादू, बालाराम सारण, मूलाराम सियाग, बालराम हुड्डा, ओमप्रकाश बिश्नोई, मगाराम, चेनाराम, चेतराम कस्वां सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
Published on:
05 Feb 2026 08:48 pm
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