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मरु-महोत्सव 2026: लोकधुनों, रंगोलियों और पारंपरिक वेशभूषा ने सैलानियों को मंत्रमुग्ध किया

विश्वविख्यात मरु महोत्सव- 2026 के अंतिम दिवस पर कुलधरा गांव ने इतिहास, संस्कृति और संगीत का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। प्राचीन गांव में आयोजित सांस्कृतिक एवं लोक संगीत कार्यक्रमों ने मरुधरा की समृद्ध परंपराओं को जीवंत कर सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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विश्वविख्यात मरु महोत्सव- 2026 के अंतिम दिवस पर कुलधरा गांव ने इतिहास, संस्कृति और संगीत का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। प्राचीन गांव में आयोजित सांस्कृतिक एवं लोक संगीत कार्यक्रमों ने मरुधरा की समृद्ध परंपराओं को जीवंत कर सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुलधरा में सदियों पुराने मकानों पर बनी मनमोहक रंगोलियों और पारंपरिक सजावट ने पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया। लोक कलाकारों की सजीव प्रस्तुतियों, पारंपरिक वेशभूषा और लोकधुनों की मधुर लहरियों ने दर्शकों को ऐतिहासिक गांव की आत्मा के करीब पहुंचाया।

मांड, मांगणियार और लंगा कलाकारों की प्रस्तुति पर दर्शक देर तक झूमते नजर आए। कार्यक्रम ने न केवल लोक संगीत और नृत्य की समृद्ध परंपरा को प्रदर्शित किया, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। सैलानी और स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम का आनंद लेते हुए मरुधरा की सांस्कृतिक विरासत की गहराई को महसूस किया।

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