
राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूरचंद कुलिश के जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की शृंखला में जिले के मां दुर्गा महिला टीटी कॉलेज, दामोदरा में कॅरियर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को बीएड के बाद उपलब्ध कॅरियर विकल्पों और उनके भविष्य की संभावनाओं के प्रति मार्गदर्शन प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रेमशंकर सोलंकी ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास और कौशल को विकसित करने का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। हर छात्रा अपने लक्ष्यों को स्पष्ट कर, सही दिशा में प्रयास करे, तो सफलता निश्चित है। सेमिनार में व्याख्याताओं सुषमा श्रीपत, देवाराम, चित्रा शर्मा, लालाराम राठौड़, हड़वंताराम और त्रिभुवनसिंह ने अपने अनुभव साझा किए और छात्राओं को कॅरियर विकल्पों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि बीएड के बाद केवल शिक्षिका के रूप में ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक, प्रशिक्षण और शिक्षा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी अवसर उपलब्ध हैं।
सुषमा श्रीपत ने कहा छात्राओं को कॅरियर चुनते समय अपनी रुचि और क्षमता का मूल्यांकन करना चाहिए। सही निर्णय और मेहनत ही उन्हें स्थायी सफलता दिला सकती है। देवाराम ने कहा कि समय प्रबंधन, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में पहला कदम उठाना सबसे महत्वपूर्ण है। यह कदम केवल शिक्षाशास्त्र, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढऩे में मदद करेगा। चित्रा शर्मा ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कह कि प्रतियोगी परीक्षाओं और विशेषज्ञ प्रशिक्षण कार्यक्रमों से छात्राएं अपनी संभावनाओं को और विस्तारित कर सकती हैं।
कार्यक्रम में छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और कॅरियर संबंधी प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक हर प्रश्न का उत्तर दिया और उन्हें आत्मनिर्भर और जागरुक बनने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं ने डिजिटल और प्रिंट माध्यमों में उपलब्ध संसाधनों के उपयोग के बारे में जानकारी प्राप्त की। लालाराम राठौड़ ने कहा आज का युवा ऑनलाइन संसाधनों का सही उपयोग करके अपनी कॅरियर संभावनाओं को मजबूती दे सकता है। आधुनिक प्रशिक्षण और डिजिटल प्लेटफॉर्म उनके लिए नई दिशा खोलते हैं।
हड़वंताराम ने कहा कि किसी भी कॅरियर में सफलता के लिए उत्साह, लगन और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। इस दिशा में छोटे-छोटे प्रयास भी महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं। सेमिनार का समापन के अवसर पर प्राचार्य प्रेमशंकर सोलंकी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि - मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी छात्रा अपने लक्ष्य तक पहुंच सकती है।
Published on:
10 Mar 2026 08:04 pm
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