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Budget 2026: राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के लिए बड़ा एलान, ‘अल्ट्रा लग्जरी’ हब बनते ही भूल जाएंगे दुबई और मोरक्को

Rajasthan Budget: राजस्थान बजट 2026 में जैसलमेर को ग्लोबल इको-टूरिज्म हब बनाने का बड़ा एलान हुआ। 5,000 करोड़ से पर्यटन ढांचा मजबूत होगा। खुड़ी में अल्ट्रा लग्जरी जोन और कुलधरा में आधुनिक सुविधा केंद्र बनेंगे। लक्ष्य 2047 तक राजस्थान को विश्वस्तरीय ग्रामीण-सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनाना है।

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Rajasthan Budget 2026

Rajasthan Budget 2026 (Photo-AI)

Rajasthan Budget 2026: राजस्थान सरकार ने प्रदेश को दुनिया के नक्शे पर सबसे बड़े सांस्कृतिक और इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी खाका तैयार किया है। वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा पेश किए गए इस रोडमैप का मुख्य केंद्र 'स्वर्णनगरी' जैसलमेर है, जिसे अब एक नए अवतार में दुनिया के सामने पेश किया जाएगा।

पर्यटन ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार 'राजस्थान टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेसिटी बिल्डिंग अथॉरिटी' का गठन करने जा रही है। इस अथॉरिटी के माध्यम से अगले कुछ वर्षों में 5,000 करोड़ से अधिक के विकास कार्य किए जाएंगे। इसका प्राथमिक उद्देश्य न केवल स्मारकों का जीर्णोद्धार करना है, बल्कि पर्यटकों के लिए कनेक्टिविटी, सुरक्षा और सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों तक ले जाना है।

खुड़ी में दिखेगा 'अल्ट्रा लग्जरी' का जलवा

जैसलमेर का खुड़ी क्षेत्र, जो अब तक अपने शांत धोरों और पारंपरिक कैंपिंग के लिए जाना जाता था, अब एक 'अल्ट्रा लग्जरी स्पेशल टूरिज्म जोन' के रूप में विकसित होगा। यहां सात सितारा सुविधाएं, निजी विला और रेगिस्तानी सफारी के ऐसे अनुभव तैयार किए जाएंगे, जो दुबई या मोरक्को के लग्जरी रिसॉर्ट्स को टक्कर देंगे। इसका सीधा उद्देश्य उन अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करना है जो एकांत और विलासिता के साथ मरुस्थलीय संस्कृति का अनुभव करना चाहते हैं।

रहस्य के साथ आधुनिकता का संगम

जैसलमेर का प्रसिद्ध 'शापित' और रहस्यमयी गांव कुलधरा अब पर्यटकों के लिए और अधिक सुलभ होगा। सरकार यहां एक आधुनिक 'पर्यटक सुविधा केंद्र' विकसित करेगी। इससे यहां आने वाले आगंतुकों को गांव के इतिहास और उसकी वास्तुकला को समझने में आसानी होगी, साथ ही बुनियादी सुविधाओं (जैसे कैफेटेरिया और सूचना केंद्र) का विस्तार होगा।

ग्लोबल इको-टूरिज्म लीडर

राजस्थान सरकार का लक्ष्य साल 2047 तक प्रदेश को वैश्विक ग्रामीण और इको-टूरिज्म के सबसे बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए लोक कलाओं, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा, ताकि राजस्थान की प्राकृतिक सुंदरता बरकरार रहे।

गौरतलब है कि यह निवेश न केवल राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, बल्कि लाखों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। जैसलमेर का यह 'मेकओवर' उसे वैश्विक पर्यटन के प्रीमियम सेगमेंट में सबसे ऊपर खड़ा कर देगा।