
रेगिस्तान की धरती पर अब महिलाओं में फिटनेस के प्रति नई जागरूकता दिखाई देने लगी है। स्वर्णनगरी के उद्यानों, सडक़ों और फिटनेस सेंटर्स में सुबह-शाम महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ती नजर आ रही है। योग, जिम, रनिंग और वॉक जैसी गतिविधियों के जरिए महिलाएं अपने स्वास्थ्य और जीवन शैली को बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। उक्त बदलती तस्वीर समाज में स्वास्थ्य जागरूकता के नए अध्याय की ओर संकेत करती है।
सुबह के समय शहर के विभिन्न पार्कों और खुले स्थानों पर महिलाओं के समूह योग और प्राणायाम करते देखे जा सकते हैं। कई स्थानों पर महिलाएं नियमित रूप से मॉर्निंग वॉक और हल्की दौड़ भी कर रही हैं। पहले जहां सुबह के समय पार्कों में पुरुषों की संख्या अधिक दिखाई देती थी, वहीं अब बड़ी संख्या में महिलाएं भी सक्रिय रूप से फिटनेस गतिविधियों में शामिल हो रही हैं। फिटनेस को लेकर युवतियों में भी खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। शहर के जिम और फिटनेस सेंटरों में युवतियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। कार्डियो एक्सरसाइज, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और पर्सनल फिटनेस सेशन के माध्यम से युवतियां अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ आत्मविश्वास को भी मजबूत बना रही हैं। फिटनेस अब केवल शारीरिक सौंदर्य तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि इसे स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली के रूप में अपनाया जा रहा है।
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने भी इस बदलाव को गति दी है। मोबाइल पर उपलब्ध योग और फिटनेस वीडियो के माध्यम से कई महिलाएं घर पर ही अभ्यास कर रही हैं। ऑनलाइन फिटनेस टिप्स और वर्कआउट कार्यक्रमों के कारण स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो गई है। इससे घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच भी महिलाएं अपने स्वास्थ्य के लिए समय निकाल पा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित व्यायाम से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक संतुलन भी मजबूत होता है। विशेष रूप से महिलाओं में बढ़ती जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए योग और फिटनेस गतिविधियां बेहद उपयोगी साबित हो रही हैं।
-मेघा चेलानी, फिटनेस ट्रेनर, जैसलमेर
नियमित योगाभ्यास से मिलती है मानसिक शांति
योग और प्राणायाम महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी हैं। नियमित योगाभ्यास से मानसिक शांति, ऊर्जा और शरीर का संतुलन बना रहता है। सुबह का समय योग के लिए सबसे बेहतर होता है, इसलिए समूह में योग करने से अनुशासन और प्रेरणा भी बनी रहती है।
-तृप्ति भाटिया, योग प्रशिक्षक, जैसलमेर
Published on:
07 Mar 2026 09:04 pm
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