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एक लाख के असली नोट के बदले यूपी से 3 लाख के जाली नोट ला रहे थे आरोपी

राजधानी के चित्रकूट इलाके में जाली नोटों की सप्लाई करने वाले गिरोह के खिलाफ की गई कार्रवाई के तार नागौर तक जुड़ गए हैं।

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जयपुर. राजधानी के चित्रकूट इलाके में जाली नोटों की सप्लाई करने वाले गिरोह के खिलाफ की गई कार्रवाई के तार नागौर तक जुड़ गए हैं। कमिश्नरेट पुलिस की सीएसटी यूनिट से मिली सूचना के बाद नागौर पुलिस ने भी एक जालसाज को एक लाख रुपए के जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। मामले में नागौर में अलग से कार्रवाई की जा रही है। राजस्थान में जाली नोट खपाने वाले गिरोह के सदस्य उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक लाख के असली नोटों के बदले में तीन लाख के जाली नोट ला रहे थे। स्पेशल पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क कर फोटो कॉपी के जरिए जाली नोट बनाने वाले की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि रविवार देर रात जयपुर पुलिस ने चित्रकूट इलाके में दबिश देकर दो बदमाशों को पकड़ा था, जिनके पास से 2.90 लाख रुपए के जाली नोट बरामद किए गए थे। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से जाली नोट लाकर राजस्थान में सप्लाई करता है।

एक पैसे देता, दूसरा नोट लाता

पुलिस ने बताया कि आरोपी गोविंद झालावाड़ में भी जाली नोट के मामले में पहले गिरफ्तार हो चुका। आरोपी गोविंद की देवेश से मुलाकात हुई। तब देवेश ने जाली नोट लाने के लिए असली नोट गोविंद को दिए और गोविंद ने उत्तर प्रदेश में अपने परिचित से जाली नोट लेकर आ रहा था। आरोपी अब तक कहां-कहां जाली नोट खपा चुके। इस संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

पुलिस लाइन के कांस्टेबल की विशेष भूमिका

राहुल प्रकाश ने बताया कि जाली नोट चलाने वाले गिरोह के संबंध में सबसे पहले पुलिस लाइन के कांस्टेबल खेम सिंह को सूचना मिली। उसकी सूचना पर सीएसटी की टीम ने चित्रकूट में कार सवार (झालावाड़ निवासी) गोविंद चौधरी को पकड़ा और उसकी निशानदेही पर चित्रकूट में एक फ्लैट में किराए से रह रहे देवेश फांडा पंजाबी को गिरफ्तार किया।