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School Holidays: राजस्थान में ग्रीष्मावकाश की तिथि घोषित, जानें इस बार कब से कब तक रहेगा अवकाश, आदेश जारी

School Admission: शिक्षण दिवस बढ़कर 214 हुए, शिक्षा विभाग ने जारी किया नया शैक्षणिक कार्यक्रम। नए शिक्षा सत्र से पहले शिक्षामंत्री का शिक्षक संगठनों से संवाद, कई अहम फैसले।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Mar 06, 2026

Schools will open from Tuesday

Summer Vacation Rajasthan: जयपुर. राजस्थान में नए शिक्षा सत्र से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मावकाश की तिथियां घोषित कर दी हैं। इस वर्ष प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश 16 मई से 20 जून तक रहेगा। शिक्षा विभाग ने यह निर्णय इस वर्ष शिक्षण दिवसों की संख्या बढ़ाकर 214 करने के कारण लिया है। इससे विद्यार्थियों को अधिक पढ़ाई के दिन मिलेंगे और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार का प्रयास किया जाएगा।

नवीन सत्र से पहले शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को जयपुर स्थित शिक्षा संकुल में शिक्षक संगठनों के प्रदेश प्रतिनिधियों के साथ संवाद बैठक की। इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए शिक्षा सत्र और शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में शिक्षक नेताओं ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों को लेकर अपने सुझाव भी दिए, जिन पर शिक्षामंत्री ने सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।

पहले इतने दिन का मिलता था ग्रीष्मावकाश

पहले स्कूलों में ग्रीष्मावकाश 17 मई से 30 जून तक 45 दिन अवकाश रहता था। अब इसमें बदलाव कर ग्रीष्मावकाश 16 मई से 20 जून तक 35 दिन का कर दिया गया है। हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते है। इस दिन स्कूलों को खोलने के आदेश जारी किए जाते है। परन्तु छुट्टियों के बीच एक दिन शिक्षक और विद्यार्थी के इसमें शामिल होने में परेशानी होती है। अब ग्रीष्मावकाश 20 जून तक रख कर इसका समाधान किया गया है।

बैठक के प्रमुख 10 बिंदु

प्रमुख निर्णय / बिंदु
नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा
इस वर्ष शिक्षण दिवसों की संख्या बढ़ाकर 214 की गई
ग्रीष्मावकाश 16 मई से 20 जून तक रहेगा
25 मार्च को मेगा पीटीएम और पीएएम आयोजित होगी
प्रवेशोत्सव के तहत 27 मार्च, 6, 10 और 15 अप्रैल को विशेष अभियान चलाया जाएगा
1 अप्रैल को सभी विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी
यूनिफॉर्म की राशि डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों के खातों में भेजी जाएगी
16 अप्रैल से शाला स्वास्थ्य परीक्षण अभियान शुरू होगा
निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी स्वास्थ्य जांच अभियान में शामिल किया जाएगा
विद्यालय परिसरों को गंदगी, सिंगल यूज प्लास्टिक, गुटखा और तंबाकू से मुक्त रखने पर जोर

शिक्षामंत्री ने प्रदेश की शैक्षिक प्रगति में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी से विद्यालय परिसरों को स्वच्छ रखने की अपील की। उन्होंने स्कूलों को गंदगी, सिंगल यूज प्लास्टिक, गुटखा और तंबाकू से मुक्त रखने का भी आह्वान किया।

बैठक में बताया गया कि 1 अप्रैल से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा निशुल्क यूनिफॉर्म की राशि प्रवेशोत्सव समाप्त होने के बाद विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।

शासन सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुणाल ने बताया कि सत्र शुरू होने से पहले 25 मार्च को मेगा पीटीएम (अभिभावक-शिक्षक बैठक) और पीएएम (अभिभावक-आंगनबाड़ी बैठक) आयोजित की जाएगी। वहीं, स्कूलों में अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए प्रवेशोत्सव के तहत विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत शिक्षक घर-घर जाकर प्रवेश योग्य बच्चों को स्कूल में प्रवेश के लिए प्रेरित करेंगे।

निदेशक माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा सीताराम जाट ने बताया कि सभी विद्यार्थियों को 1 अप्रैल को ही नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए 31 मार्च तक सभी स्कूलों में किताबें पहुंचा दी जाएंगी और शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 16 अप्रैल से शाला स्वास्थ्य परीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें इस वर्ष निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाएगा।