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Scam: किसानों का पैसा डकारने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, बीमा कंपनियों की लापरवाही से 128 करोड़ रुपए का नुकसान

Insurance Fraud: सरकार ने राज्य स्तरीय शिकायत निवारण समिति के माध्यम से 122 करोड़ रुपये का भुगतान दिलाने का आश्वासन दिया है। मंत्री ने कहा कि किसानों का हक हर हाल में दिलाया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Feb 16, 2026

Prime Minister Crop Insurance Scheme

Prime Minister Crop Insurance Scheme (पत्रिका फाइल फोटो)

Crop Insurance: जयपुर. प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सामने आए फर्जीवाड़ों और अनियमितताओं पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि बीमा कंपनियों, बैंकों और सर्वेयरों की मिलीभगत से किसानों के क्लेम रोकने और गलत आंकड़े पेश करने के मामले उजागर हुए हैं। इन गंभीर शिकायतों की जांच अब विशेष अभियान समूह (एसओजी) से करवाई जाएगी ताकि दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मंत्री ने बताया कि कई किसानों के खाते और आधार सत्यापन लंबित होने, नेफ्ट बाउंस और बीमित किसान की मृत्यु जैसे कारणों से भुगतान अटका है। जिला कलेक्टरों को सत्यापन प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र किसानों को जल्द राहत मिल सके। वर्तमान सरकार ने रबी और खरीफ सीजन में 6,328 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम जारी किया है, जिसमें 188 करोड़ रुपए पिछली सरकार का बकाया शामिल था।

श्रीगंगानगर जिले के करणपुर में निरीक्षण के दौरान बड़ा घोटाला सामने आया, जहां सर्वेयर ने किसानों और अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। 1.70 लाख फार्मों की जांच में 32 हजार फार्म ऐसे मिले जिनमें वास्तविक 50–70 प्रतिशत नुकसान के बावजूद शून्य खराबा दर्शाया गया। इससे लगभग 128 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। रावला में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। क्षेमा इंश्योरेंस कंपनी को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए केंद्र सरकार को भविष्य में टेंडर न देने का अनुरोध किया गया है।

📊 प्रमुख तथ्य

क्रमांकबिंदुविवरण
1कुल बीमा भुगतान₹ 6,328 करोड़
2पिछली सरकार का बकाया₹ 188 करोड़
3जांचे गए फार्म1.70 लाख
4संदिग्ध फार्म32,000
5अनुमानित नुकसान₹ 128 करोड़
6शिकायत निवारण से प्रस्तावित भुगतान₹ 122 करोड़
7प्रभावित जिलेश्रीगंगानगर, जालौर, नागौर, चूरू, बीकानेर आदि

सालासर में एसबीआई बैंक में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 71 खाते खोलकर प्रीमियम काटने का मामला भी सामने आया है, जिससे 9 करोड़ रुपए की संभावित गड़बड़ी हो सकती थी। इस प्रकरण में भी एफआईआर दर्ज कर जांच जारी है। सांचौर, जालौर, चूरू, नागौर और बीकानेर समेत कई जिलों में ऐसी शिकायतें मिली हैं।

सरकार ने राज्य स्तरीय शिकायत निवारण समिति के माध्यम से 122 करोड़ रुपये का भुगतान दिलाने का आश्वासन दिया है। मंत्री ने कहा कि किसानों का हक हर हाल में दिलाया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।