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हर व्यक्ति का सम्मान करना और सबकी चिंता करना धर्म का मर्म—स्वामी रामभद्राचार्य

—कथा के दौरान स्वामी ने कहा कि जब तक सांस चलेगी सनातन धर्म के अभय युद्ध के लिए चलेगी

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जयपुर

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Harshit Jain

Jan 15, 2026

—धीरेंद्र शास्त्री सहित कथा का श्रवण करने आए, योग गुरु बाबा रामदेव ने नारद भक्ति सूत्र सहित कुल चार पुस्तकों का किया विमोचन

जयपुर. जब तक मेरी सांस चलेगी सनातन धर्म के अभय युद्ध के लिए चलेगी। सनातन धर्म का स्वरूप विराट है, उसमें सृष्टि का कल्याण समाहित है। हर व्यक्ति का सम्मान करना सबकी चिंता धर्म का मर्म है। सनातन धर्म का स्वरूप विराट है, जिसमें पूरे ब्रह्मांड का कल्याण समाहित है और हर व्यक्ति का सम्मान, सबकी चिंता करना इसका मूल है। जो सत्य, अहिंसा, परोपकार और सभी जीवों में ईश्वर के दर्शन पर आधारित है। यह विशेष आशीर्वचवन गुरुवार को सीकर रोड स्थित नींदड़ में चल दस दिवसीय राम कथा महोत्सव के आठवें दिन तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य ने अपने मुखारविंद से कहे।

भगवान का भजन कभी नष्ट नहीं होता
स्वामी ने प्रसंग के दौरान कहा कि हनुमान जी की पीठ पर राम लक्ष्मण बैठे, क्योंकि हनुमान धर्म रथ है। रथी का पूरा जीवन सारथी पर निर्भर होता है। धर्म रथी कभी हारता नहीं। कोई भी कर्म, अनुष्ठान ईश्वर के भजन के बिना नहीं हो सकता। कर्म, ज्ञान भजन के बिना नष्ट हो जायेंगे। भगवान का भजन कभी नष्ट नहीं होता। भजन का मतलब भगवान को भजना। संस्कृत के बिना संस्कृति का ज्ञान नहीं हो सकता। जो संस्कृत नहीं जानता वह संत नहीं हो सकता। आयोजन समिति के अनिल संत ने बताया कि भजन गायक कलाकार कन्हैया मित्तल ने भजनों की प्रस्तुति दी। हार गया मैं बाबा अब तो दामन थाम ले…, हारा हूं बाबा मुझे तुझपे भरोसा है…, भरदो झोली मेरी…सहित अन्य भजन गाए। इस दौरान कई श्रद्धालु भजनों की स्वर लहरियों पर जयकारे लगाते हुए नृत्य किया।

सनातन और राष्ट्र के गौरव है रामभद्राचार्य— बाबा रामदेव
कथा का श्रवण करने आए योग गुरु बाबा रामदेव ने स्वामी रामभद्राचार्य की ओर से लिखी अंधती महाकाव्य के साथ नारद भक्ति सूत्र सहित कुल चार पुस्तकों का लोकार्पण किया। स्वामी की ओर से अब तक 377 ग्रंथ लिखे जा चुके हैं। बाबा रामदेव ने कहा कि रामभद्राचार्य सनातन एवं राष्ट्र के गौरव है। उनकी वाणी में सरस्वती है ये राष्ट्र के उद्धारक हैं। बाबा रामदे ने संस्कृत के श्लोक में स्वामी को जन्मदिन की बधाई दी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सराहना
देर रात कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री स्वामी को जन्मदिन की बधाई देने और आशीर्वाद लेंने पहुंचें। इससे पहले उन्होंने विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वेद नहीं मानने वालों के बच्चे भविष्य में जावेद और नावेद बनेंगे। इसलिए वेद विज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए बागेश्वर धाम में गुरुकुल शुरू होगा। देश में अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नहीं होता तो इतने भी हिंदू नहीं होते। आरएसएस ने हिंदू समाज को एकजुट करने का काम किया। जिनके पास एकता है, उनके पास ताकत है। एकता के बिना अस्तित्व बिल्कुल संभव नहीं है।

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