
प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ
PTI Exam-2022 Fraud: राजस्थान में सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। फर्जी मार्कशीट और डमी अभ्यर्थी बैठाकर कई लोगों ने सरकारी नौकरियों पर कब्जा जमाया। लेकिन अब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की पड़ताल में फर्जीवाड़े की परतें उघड़ने लगी है। ताजा मामला पीटीआइ सीधी भर्ती-2022 से जुड़ा है।
शारीरिक शिक्षा अध्यापक (PTI) सीधी भर्ती- 2022 में बैक डेट की फर्जी मार्कशीट लगाकर और डमी कैंडिडेट बैठाकर 2 युवकों ने परीक्षा पास की और सरकारी शिक्षक बन गए। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने अब दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच का दायरा और भी बढ़ा दिया है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर की ओर से शारीरिक शिक्षा अध्यापक सीधी भर्ती-2022 परीक्षा आयोजित हुई थी। एसओजी को खुफिया सूचना मिली कि परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर कई अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी हासिल की है। एसओजी की ओर से जांच करने पर 2 अभ्यर्थियों की ओर से खुद की जगह डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा पास करने की पुष्टि हुई।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर से संदिग्ध दोनों अभ्यर्थियों के परीक्षा के डॉक्यूमेंट मंगवाकर जांच की गई। जिसमें सिग्नेचर मिसमैच होने पर डमी कैंडिडेट बैठाकर दोनों आरोपियों के एग्जाम पास करने का पता चला।
एसओजी से मिली जानकारी के अनुसार दोनों आरोपियों और बैक डेट में मार्कशीट जारी करने वाली मध्य प्रदेश की दो यूनिवर्सिटी के खिलाफ मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने अभ्यर्थियों को मोटी रकम लेकर बैक डेट में अंकतालिकाएं उपलब्ध । एसओजी ने दोनों यूनिवर्सिटी के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी कर ली है।
एसओजी की जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने आवेदन के समय बीपीएड कोर्स डिग्री में जिस कॉलेज का नाम भरा था। जबकि डॉक्यूमेंट चैकिंग के दौरान दूसरी यूनिवर्सिटी की मार्कशीट दी थी। मार्कशीट चैकिंग के दौरान पता चला कि दोनों आरोपियों की ओर से दो यूनिवर्सिटी से बैक डेट में फेक मार्कशीट जारी करवाई गई थी। एसओजी की ओर से दोनों आरोपी कैंडिडेट व दोनों यूनिवर्सिटी के खिलाफ अलग-अलग FIR दर्ज की गई है।
एसओजी पूर्व में बैक डेट में फर्जी डिग्री जारी करने वाले जेएस विश्वविद्यालय के चांसलर, रजिस्ट्रार और दलाल को गिरफ्तार कर चुकी है। इस यूनिवर्सिटी से 245 अभ्यर्थी फर्जी डिग्री लेकर पीटीआइ बने थे। यूनिवर्सिटी से जुड़े इन गिरफ्तार व्यक्तियों ने लाखों रुपए में सौदा कर सैकड़ों फर्जी डिग्रियां अभ्यर्थियों को घर बैठे उपलब्ध कराई थी।
जांच में सामने आया कि इस परीक्षा में आवेदन के समय कुल 2067 अभ्यर्थियों ने अपनी बीपीएड की डिग्री जेएस विश्वविद्यालय से पास करने का उल्लेख किया, जो निर्धारित सीटों से कई गुना अधिक थे। पेपर लीक माफियाओं ने अयोग्य अभ्यर्थियों के लिए निजी विश्वविद्यालयों से पैसे देकर बड़ी संख्या में बैक डेट में डिग्रियां उपलब्ध कराई थी।
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Published on:
27 Jan 2026 10:43 am

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