15 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डूब रहा रेगिस्तान का जहाज: हाईकोर्ट बोला- ऊंटों की घटती संख्या को लेकर गंभीर नहीं सरकार, 27 मार्च को स्थिति स्पष्ट करे

Rajasthan State Animal Camel News: राजस्थान में राज्य पशु ऊंट की घटती संख्या पर जयपुर हाईकोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने इस पर सरकार को चेताया है। जानिए इस पर क्या बोला हाईकोर्ट।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Himesh Rana

Mar 15, 2026

Rajasthan State Animal Camel News: राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में ऊंटों की लगातार घटती संख्या को लेकर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। अदालत ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार 27 मार्च तक ऊंटों की संख्या और उनके संरक्षण के प्रयासों के बारे में स्पष्ट स्थिति पेश करे।

न्यायाधीश पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने ऊंटों की घटती संख्या को लेकर स्वप्रेरणा से दर्ज याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने यह भी कहा कि अदालती आदेश के बावजूद पैरवी के लिए महाधिवक्ता उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जो चिंता का विषय है।

कानून के बाद तेजी से घटी संख्या

सुनवाई के दौरान न्यायमित्र अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल ने बताया कि ऊंटों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। वर्ष 2004 में राजस्थान में करीब साढ़े सात लाख ऊंट थे। वर्ष 2015 में कानून बनने के समय यह संख्या घटकर 3.26 लाख रह गई। चार साल बाद यह और कम होकर करीब 2.13 लाख रह गई और वर्ष 2021 तक यह संख्या लगभग डेढ़ लाख रह गई।

ऊंट पालकों की घटती रुचि

अदालत को यह भी बताया गया कि ऊंटों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के कारण पशु मेलों में इनकी खरीद-फरोख्त बंद हो गई है। इसके कारण ऊंट पालकों की रुचि भी धीरे-धीरे कम हो रही है। साथ ही कानून के तहत कलक्टर को नोडल एजेंसी बनाए जाने से ऊंटों को बाहर चराने तक के लिए अनुमति लेना मुश्किल हो गया है।