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‘पत्नी के अपने ही जीजा से संबंध, फिर बच्चा हुआ…’ हाईकोर्ट ने पति की याचिका खारिज कर लगाया 50 हजार का जुर्माना

हाईकोर्ट ने अवैध हिरासत याचिका खारिज कर कहा कि बच्चा मां व जैविक पिता के साथ है तो मामला नहीं बनता। अदालत ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपए हर्जाना लगाया। कोर्ट ने माना कि पति स्वयं बच्चे को अपना नहीं मान रहा, इसलिए हस्तक्षेप उचित नहीं।

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जयपुर

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Arvind Rao

Feb 26, 2026

Rajasthan HC Child with Mother and Biological Father Jija Is not Illegal Detention Husband Fined 50 Thousand

जयपुर हाईकोर्ट (पत्रिका फोटो)

जयपुर: हाईकोर्ट ने कहा कि यदि बच्चा मां और जैविक पिता के साथ है और स्वयं याचिकाकर्ता बच्चे को अपना नहीं मान रहा, तो यह अवैध हिरासत का मामला नहीं है। कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ता पर पचास हजार रुपए हर्जाना भी लगाया।

न्यायाधीश महेंद्र गोयल और न्यायाधीश समीर जैन की खंडपीठ ने अलवर निवासी याचिकाकर्ता की याचिका खारिज करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया कि पुलिस ने पहले महिला के बच्चे को जन्म देने से इनकार किया।

बच्चे को जन्म देने से इनकार

लेकिन अधीनस्थ अदालत के साक्ष्य मांगने पर पुलिस ने बाद में स्वीकार किया कि याचिकाकर्ता की पत्नी ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। उधर, याचिकाकर्ता की पत्नी बच्चे को जन्म देने से इनकार कर रही है।

ऐसे में अस्पताल रिकॉर्ड में पैदा हुआ बच्चा कहां गया। याचिका में बच्चे का जीवन खतरे में होने की आशंका जताते हुए उसे बरामद करने का आग्रह किया।

जीजा से संबंध होने का आरोप

कोर्ट ने कहा, याचिकाकर्ता स्वयं अधीनस्थ अदालत में कह चुका कि उसकी पत्नी मई 2024 से अपनी बहन और जीजा के साथ रह रही है। पत्नी के अपने जीजा से संबंध होने के कारण बच्चे का जन्म होने का आरोप भी लगाया। ऐसे में पति बच्चे का जैविक पिता नहीं है।