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जयपुर, May 24, 2026

Export Boost: आधुनिक तकनीक अपनाने वाले उद्योगों को राजस्थान सरकार देगी 1 करोड़ तक सहायता

Export Promotion Policy 2024: राजस्थान निर्यात नीति में बड़ा बदलाव: तकनीकी अपग्रेडेशन पर अब मिलेगा 1 करोड़ तक अनुदान। निर्यातकों को बड़ी राहत, राजस्थान सरकार ने दोगुना किया टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन ग्रांट।

Rajasthan Export Policy

Photo AI

Rajasthan Export Policy: जयपुर. राजस्थान सरकार ने राज्य के निर्यातकों और उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma की बजट घोषणा के अनुपालन में तकनीकी अपग्रेडेशन पर मिलने वाले अनुदान की अधिकतम सीमा 50 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए कर दी गई है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य राजस्थान के उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है, ताकि उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सके। उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त Neelabh Saxena ने बताया कि तकनीकी अपग्रेडेशन पर बढ़े हुए अनुदान से राज्य के निर्यातक आधुनिक मशीनरी और नई तकनीकों को आसानी से अपनाने में सक्षम होंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 4 दिसंबर 2024 को राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 का अनावरण किया था। इसके बाद 8 दिसंबर 2024 को इसकी अधिसूचना जारी की गई थी। अब राज्य सरकार ने निर्यात क्षेत्र को और अधिक प्रोत्साहन देने के लिए इसमें अहम बदलाव किए हैं।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को मिलेगा बड़ा लाभ

सरकार का मानना है कि इस फैसले से राजस्थान के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को बड़ा लाभ मिलेगा। नई तकनीक अपनाने से उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में राजस्थान के उत्पादों की मांग बढ़ेगी। इससे राज्य के निर्यात में भी वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है।

निर्यात दस्तावेजीकरण पर 5 लाख रुपये तक का अनुदान

नीति के तहत राज्य के उद्यमियों को निर्यातक बनाने के उद्देश्य से कई प्रकार की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। निर्यात दस्तावेजीकरण पर 5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और आयोजनों में भागीदारी के लिए 3 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर 2 लाख रुपये तक का पुनर्भरण भी किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय राजस्थान के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने में मददगार साबित होगा। साथ ही इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। राज्य सरकार की यह पहल ‘मेक इन राजस्थान’ और निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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