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पुलिस का AI धमाका: होली में अनऑथराइज्ड पार्टियां और साइबर खतरे पर नजर

Holi security 2026: राजस्थान में AI CCTV और साइबर कंट्रोल सेंटर तैयार। जयपुर-उदयपुर में ड्रंक ड्राइविंग से लेकर डीपफेक तक पर सख्ती। नागपुर में 15 फेक होली बाशेस पकड़ीं, AI ने सोशल मीडिया स्कैन कर दिया एक्शन।

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Mar 01, 2026

जयपुर. होली 2026 अब सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं रहा– पुलिस ने AI को अपना 'सुपर आर्म' बना लिया है। अनऑथराइज्ड पार्टियां, हेट स्पीच, कम्युनल स्लर्स, ड्रंक ड्राइविंग और साइबर क्राइम रोकने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका इस बार सबसे बड़ी है। कई राज्यों में पुलिस ने टेक-ड्रिवन मॉनिटरिंग सिस्टम को फुल मोड में डाल दिया है।

नागपुर पुलिस का AI स्ट्राइक

नागपुर पुलिस ने साइबर टीम के साथ मिलकर AI टूल्स से सोशल मीडिया स्कैन किया और शहर में प्रमोट हो रही 15 से ज्यादा अनऑथराइज्ड होली पार्टियों को डिटेक्ट कर लिया। ये इवेंट्स इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर विज्ञापित हो रहे थे, लेकिन इनके पास कोई परमिशन नहीं थी। “AI ने रियल-टाइम में पोस्ट्स, हैशटैग्स और लोकेशन ट्रैक करके इनकी डिटेल्स निकालीं। संबंधित थानों को भेजकर जांच शुरू कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर पार्टियां रद्द की जाएंगी।” पुलिस ने हेट स्पीच और कम्युनल कमेंट्स पर भी AI मॉनिटरिंग एक्टिवेट की है। साथ ही 2500 पर्सनल डिप्लॉय किए गए हैं और 280 हिस्ट्री-शीटर्स को एक्सटर्न कर दिया गया है।

राजस्थान में AI की डबल स्ट्राइक

राजस्थान पुलिस ने होली सिक्योरिटी को AI से और मजबूत किया है। जयपुर में AI-बेस्ड क्रिमिनल प्रोफाइल जनरेशन और फेस डिटेक्शन सिस्टम अपग्रेड हो चुका है, जो FIR आते ही ऑटोमैटिक रिपीट ऑफेंडर्स को हाईलाइट करता है। राज्य स्तर पर राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) एक्टिव है, जिसमें AI एनालिसिस, डेडिकेटेड हेल्पलाइन 1930 और डिजिटल फॉरेंसिक यूनिट शामिल है।

AI डीपफेक डिटेक्शन टूल्स पर फोकस

उदयपुर में पहले ही AI-जनरेटेड ब्लैकमेल वीडियो केस सामने आ चुके हैं, जहां फेक वीडियोज से लोगों को 11 लाख रुपए तक ऐंठने की कोशिश हुई। पुलिस अब AI डीपफेक डिटेक्शन टूल्स पर फोकस कर रही है। जयपुर, उदयपुर और पुष्कर जैसे टूरिस्ट स्पॉट्स में फॉरेन विजिटर्स का स्पाइक है, इसलिए AI CCTV, नाइट-विजन कैमरास और GPS ट्रैकिंग से रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो रही है। होली में ड्रंक ड्राइविंग और कम्युनल इश्यूज रोकने के लिए स्पेशल ऑर्डर्स जारी हैं।

AI पुलिस को रिएक्टिव से प्रिवेंटिव बना रहा

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि AI पुलिस को रिएक्टिव से प्रिवेंटिव बना रहा है। लेकिन प्राइवेसी का बैलेंस जरूरी है। पुलिस का मैसेज साफ है – होली जिम्मेदारी से मनाएं, संदिग्ध एक्टिविटी या AI फ्रॉड की रिपोर्ट तुरंत 1930 या साइबर सेल पर करें।