29 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर, May 13, 2026

पीएम की स्पीच के बाद यूपी में WFH, अब राजस्थान सरकार ने लिया ये बड़ा एक्शन, जारी हुए नए निर्देश

Rajasthan Govt News: इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और आम जनता के बीच प्रशासनिक सादगी का एक सकारात्मक संदेश पहुंचाना है।

भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला, राजस्थान सरकार के काफिले में कटौती की

मुख्यमंत्री के काफिले में सिर्फ़ 5 गाड़ी

CM Bhajanlal Sharma Action: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के नाम दिए गए संबोधन में ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील का असर अब राज्यों में दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 'वर्क फ्रॉम होम' और काफिले में 50 प्रतिशत की कटौती के फैसले के बाद, अब राजस्थान की भजनलाल सरकार ने भी बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री ने अपने स्वयं के काफिले में वाहनों की संख्या कम करने की शुरुआत करते हुए राज्य के समस्त अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसकी पालना आज से ही सीएम ने शुरू कर दी। आज सवेरे सीएम के काफिले में सिर्फ पांच गाड़ियां देखी गई। उनमें से एक में वे खुद सवार थे। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और आम जनता के बीच प्रशासनिक सादगी का एक सकारात्मक संदेश पहुंचाना है।

प्रशासनिक सादगी और संसाधनों का संयम

राजस्थान सरकार का यह फैसला केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी आर्थिक और पर्यावरणीय सोच है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्य सचिव सहित प्रदेश के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर अनावश्यक वाहनों का तामझाम तुरंत बंद किया जाए। इसी क्रम में अब जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य विभागीय अधिकारियों को भी अपने दौरों के दौरान न्यूनतम वाहनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। सरकारी बैठकों और कार्यक्रमों में भी अब वीआईपी कल्चर को कम करने और कम से कम संसाधनों में आयोजन करने पर जोर दिया जा रहा है।

ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण पर फोकस

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऊर्जा संकट को देखते हुए राजस्थान सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बचत को अपनी प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखा है। मुख्यमंत्री की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि सरकारी वाहनों का उपयोग केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही किया जाए। यूपी सरकार की तर्ज पर राजस्थान में भी अब वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने पर विचार किया जा रहा है, ताकि एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले अधिकारियों के वाहन खर्च और ईंधन की बचत की जा सके। इससे न केवल राजकोष पर पड़ने वाला वित्तीय भार कम होगा, बल्कि कार्बन फुटप्रिंट में भी कमी आएगी, जो वर्तमान जलवायु परिवर्तन के दौर में अनिवार्य कदम है।

आम जनता के लिए संदेश और भविष्य की कार्ययोजना

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह कदम राजस्थान की कार्यशैली में जवाबदेही और पारदर्शिता लाएगा। जब जनता अपने प्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों को सादगी के साथ काम करते देखेगी, तो उनमें भी संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी की भावना जागृत होगी। फिलहाल, अधिकारियों को यह सख्त हिदायत दी गई है कि वे वाहनों के लॉग-बुक की नियमित जांच करें और अनावश्यक संचालन पाए जाने पर जवाबदेही तय करें। उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने दस मई को इंधन संकट और युद्ध के कारण होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए इंधन, सोने और अन्य कुछ कामों में कटौती करने के लिए जनता से आग्रह किया था। उसके बाद अब देश भर में कई बदलाव सामने आ रहे हैं। पीएम ने कहा था कि तेल की बढ़ती कीमतों को दो महीने से सरकार खुद वहन कर रही है, ऐसे में जब जनता के सहयोग की जरूरत है।

कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें