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इंडिया एनर्जी वीक: बोले पीएम मोदी- भारत रिफॉर्मस एक्सप्रेस पर सवार, अब एनर्जी सिक्योरिटी से आगे ‘एनर्जी इंडिपेंडेंस’ के मिशन पर

भवनेश गुप्तापणजी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में शुरू हुए इंडिया एनर्जी वीक के उद्घाटन समारोह में कहा कि भारत आज ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व अवसरों की धरती बन चुका है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, मजबूत रिफाइनिंग क्षमता और सुधारोन्मुख नीतियों के चलते भारत वैश्विक ऊर्जा निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है। […]

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भवनेश गुप्ता
पणजी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में शुरू हुए इंडिया एनर्जी वीक के उद्घाटन समारोह में कहा कि भारत आज ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व अवसरों की धरती बन चुका है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, मजबूत रिफाइनिंग क्षमता और सुधारोन्मुख नीतियों के चलते भारत वैश्विक ऊर्जा निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है। इसका मतलब है कि यहां एनर्जी प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है।

दुनिया के करीब सवा सौ देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि भारत ऊर्जा सुरक्षा और सतत भविष्य को लेकर विश्व के केंद्र में है। उन्होंने दुनिया भर के निवेशकों से ‘मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया, स्केल विद इंडिया और इन्वेस्ट इन इंडिया’ का आह्वान किया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम ने भारत और ईयू (यूरोपियन यूनियन) फ्री ट्रेड समझौते की भी चर्चा की। उन्होंने कहा- भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते का पूरक है। यह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देगा, सेवाओं को सपोर्ट करेगा। इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है। यह समझौता ग्लोबल जीडीपी का लगभग 25 प्रतिशत और ग्लोबल ट्रेड का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। यह समझौता ट्रेड के साथ-साथ डेमोक्रेसी और रूल ऑफ लॉ के प्रति हमारे कमिटमेंट को भी मजबूत करता है।

विदेशी मंत्री-निवेशकों के लिए पीएम की 5 बड़ी बातें

1- यूरोपियन यूनियन के साथ हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर एंड शूज, ऐसे हर सेक्टर से जुड़े व्यावसायियों के लिए बहुत सहायक सिद्ध होगा। दुनिया के हर व्यवसायी और निवेशक का भारत पर कॉन्फिडेंस को और बढ़ाएगा।

2- इस दशक के आखिर तक तेल और गैस सेक्टर में निवेश को सौ अरब डॉलर तक ले जाने की कोशिश।

3- पेट्रोलियम प्रोडक्ट के टॉप 5 निर्यातक देशों में शामिल हैं। दुनिया 150 से ज्यादा देशों में हमारे प्रोडक्ट जा रहे हैं। भारत जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा तेल रिफाइनिंग हब बनने जा रहा है, क्षमता 260 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 300 मीट्रिक टन हो जाएगी।

4- भारत रिफॉर्मस एक्सप्रेस पर सवार है और अब एनर्जी सिक्योरिटी से आगे बढ़कर, 'एनर्जी इंडिपेंडेंस' (ऊर्जा आत्मनिर्भरता) के मिशन पर काम कर रहा है। ऐसा एनर्जी सेक्टर इकोसिस्टम डवलप कर रहे हैं, जो भारत की घरेलू जरूरतों को पूरा कर सके। ऊर्जा क्षेत्र में करीब 500 बिलियन डॉलर के निवेश अवसर हैं।

5- भारत रिफाइनिंग क्षमता के मामले में विश्व में दूसरे स्थान पर हैं और जल्द पहले पायदान पर होगा। देश की रिफाइनिंग क्षमता करीब 260 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है, जिसे 300 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक करने के प्रयास जारी हैं।

तेल-गैस क्षेत्र में 100 बिलियन डॉलर -  पीएम ने कहा कि इस दशक के अंत तक तेल और गैस क्षेत्र में 100 बिलियन डॉलर निवेश का लक्ष्य रखा गया है।एक्सप्लोरेशन (अन्वेषण) क्षेत्र को एक मिलियन वर्ग किलोमीटर तक विस्तार देने की दिशा में 170 से अधिक ब्लॉक आवंटित किए जा चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी बोले

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि की ऊर्जा की बढ़ती मांग विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को तेजी से प्रभावित कर सकती है, क्योंकि हर जगह ऊर्जा की पहुंच अब भी एक बड़ी चुनौती है। करीब 2 अरब लोग असुरक्षित कुकिंग फ्यूल पर निर्भर हैं। वैश्विक ऊर्जा मांग में भारत की हिस्सेदारी लगभग 30-35 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जो कुल वैश्विक ऊर्जा मांग का लगभग 10 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। इसे पूरा करने के लिए सरकार पूरे ऊर्जा मिश्रण में क्षमता का विस्तार कर रही है, जिसमें वर्ष 2047 तक अपनी परमाणु महत्वाकांक्षा को 100 गीगावाट तक बढ़ाना शामिल है।

ये भी शामिल

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, यूएई के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री सुल्तान अहमद अल जाबेर, कनाडा के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री टिम हॉजसन, साथ ही अफ्रीका, मध्य पूर्व, मध्य एशिया और ग्लोबल साउथ के उच्च पदस्थ मंत्री दक्षिण गोवा जिले के बेटुल गांव में उद्घाटन समारोह में मौजूद रहे।