
फाइल फोटो- पत्रिका
Phalodi Satta Bazar: टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप में रविवार शाम होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है। इसी बीच राजस्थान के चर्चित फलोदी सट्टा बाजार में भी हलचल देखी जा रही है। दोनों टीमों की पुरानी प्रतिद्वंद्विता और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यहां दांव को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
बाजार में दरें लगातार बदलती रहती हैं, जो नए समीकरणों पर निर्भर करती हैं। यहां ‘खाना’ और ‘लगाना’ दो प्रमुख शब्द प्रचलन में हैं। ‘खाना’ का अर्थ उस टीम पर दांव लगाना है जिसकी जीत की संभावना कम मानी जाती है, जबकि ‘लगाना’ मजबूत दावेदार पर दांव लगाने को कहा जाता है।
खबर लिखे जाने तक सट्टा बाजार में टीम इंडिया को फेवरेट माना जा रहा है, यानी यहां भारत की जीत के आसार ज्यादा आंके जा रहे हैं। फिलहाल 37-38 का भाव चल रहा है। इसका मतलब यह है कि भारत की जीत पर कम और पाकिस्तान की जीत पर ज्यादा रुपए मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
उधर मौसम विभाग ने रविवार को हल्की बारिश की संभावना जताई है, जिससे मुकाबले के नतीजे प्रभावित हो सकते हैं। इसी कारण अंतिम घंटों में रेट्स में तेज उतार-चढ़ाव की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय जानकारों के मुताबिक इस बार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन हो रहा है। पुलिस प्रशासन ने अवैध सट्टेबाजी पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं, हालांकि मैच वाले दिन रिकॉर्ड दांव लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
फलोदी में सट्टेबाजी की परंपरा काफी पुरानी मानी जाती है। शुरुआती दौर में यहां मौसम, विशेष रूप से बारिश, को लेकर दांव लगाए जाते थे। शुष्क जलवायु वाले इस इलाके में लोग अनुमान लगाते थे कि कौन-सा नाला बहेगा, कौन-सा तालाब भरेगा या किसी दिन बारिश होगी या नहीं। 19वीं सदी के आखिर तक यह गतिविधि संगठित रूप लेने लगी। बाद में जब रेडियो पर क्रिकेट कमेंट्री प्रसारित होने लगी तो यहां क्रिकेट पर सट्टा शुरू हो गया। वर्तमान समय में वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंटों ने इस बाजार को और विस्तारित कर दिया है।
नोटः यहां पर दी गई जानकारी फलोदी में सट्टा बाजारों के जानकारों के माध्यम से दी गई है। हमारा उद्देश्य सट्टा को किसी भी प्रकार से प्रोत्साहन करना नहीं है।
Published on:
15 Feb 2026 06:10 pm
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