
राजस्थान आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ प्रदेशव्यापी जंग छेड़ दी है। आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते के सख्त निर्देशों के बाद फरवरी माह में चलाए गए विशेष निरोधात्मक अभियान के नतीजे बेहद चौंकाने वाले और ऐतिहासिक रहे हैं। विभाग ने केवल एक महीने के भीतर प्रदेश भर में 1 लाख 74 हजार 137 लीटर कच्ची शराब (वॉश) को मौके पर ही नष्ट कर माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और आबकारी की संयुक्त टीमों ने सैकड़ों ठिकानों पर दबिश देकर शराब तस्करी में शामिल बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है।
आबकारी विभाग की मुस्तैदी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फरवरी माह में अवैध शराब निर्माण और परिवहन के कुल 562 मामले दर्ज किए गए हैं। अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रशासन अनिल कुमार शर्मा के अनुसार, इन मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए 556 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। यह संभवतया राजस्थान के इतिहास में शराब माफियाओं के खिलाफ एक महीने में की गई सबसे बड़ी गिरफ्तारियों में से एक है।
अभियान के दौरान विभाग ने न केवल कच्ची शराब नष्ट की, बल्कि बड़ी खेप को बाजार में पहुँचने से पहले ही दबोच लिया। सीज की गई मदिरा का विवरण इस प्रकार है:
अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (पॉलिसी) प्रदीप सिंह सांगावत ने बताया कि माफिया अब शराब तस्करी के लिए हाईटेक और छोटे वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। विभाग ने प्रभावी नाकाबंदी के दौरान 21 वाहनों को सीज किया है, जिनमें 14 दोपहिया वाहन और 7 हल्के चार पहिया वाहन शामिल हैं। इन वाहनों के जरिए शराब को ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पहुँचाने की योजना थी।
आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते के अनुसार, यह अभियान केवल शहरों तक सीमित नहीं है। हाड़ौती, मेवात और मारवाड़ के उन दुर्गम इलाकों में भी टीमें पहुँच रही हैं, जहाँ भट्ठियां जलाकर अवैध 'शराब' (कच्ची शराब) तैयार की जाती थी। विभाग ने ड्रोन और स्थानीय मुखबिरों की मदद से इन अड्डों को चिह्नित किया और लाखों लीटर लहन (कच्ची शराब) को नालियों में बहा दिया।
राजस्थान सरकार का लक्ष्य प्रदेश को अवैध और जहरीली शराब से पूरी तरह मुक्त करना है। आबकारी विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि लाइसेंस प्राप्त दुकानों के अलावा कहीं भी मदिरा का विक्रय या भंडारण पाया गया, तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। विभाग अब उन बड़े सप्लायर्स की सूची तैयार कर रहा है जो पड़ोसी राज्यों से शराब लाकर राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में खपाते हैं।
Published on:
10 Mar 2026 04:22 pm
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