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Rajasthan : लोक सुराज का 21 सूत्रीय मांगों को लेकर राजस्थान सरकार को 26 जून तक का अल्टीमेटम, जानें क्या हैं मांगें

Rajasthan : लोक सुराज ने बुधवार को विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध घुमंतू (डीएनटी) आदिम समुदाय के 21 सूत्रीय बुनियादी व संवैधानिक अधिकारों को लेकर विधानसभा का घेराव कर प्रदर्शन किया।

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Lok Suraj gave Rajasthan government an ultimatum till 26 June regarding 21-point demands Know what are demands

लोक सुराज पार्टी सदस्य और अन्य। फोटो पत्रिका

Rajasthan : लोक सुराज ने बुधवार को विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध घुमंतू (डीएनटी) आदिम समुदाय के 21 सूत्रीय बुनियादी व संवैधानिक अधिकारों को लेकर विधानसभा का घेराव कर प्रदर्शन किया। आंदोलन का नेतृत्व लोक सुराज के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री गोपाल केसावत ने किया।

गोपाल केसावत ने कहा कि मौजूदा केन्द्र व राजस्थान सरकार ने इन मांगों की अनदेखी तो जून में जयपुर में महापड़ाव होगा। इस संबंध में सरकार को 26 जून तक का अल्टीमेटम दिया गया है। ठोस कदम नहीं उठाए तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

बड़ी तादाद में विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों ने 10 फीसदी आरक्षण, भूमि अधिकार, आर्थिक सशक्तीकरण और नागरिक आय अधिकार सरीखी वाजिब मांगों को पुरजोर ढंग से उठाया। केसावत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केबिनेट मंत्री ओटाराम देवासी को 21 सूत्रीय बुनियादी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

शहीद स्मारक पर एकत्र हुए पदाधिकारी व कार्यकर्ता

इससे पहले दोपहर जुलूस के रूप में बड़ी तादाद में लोक सुराज के पदाधिकारी व कार्यकर्ता सदस्य आयोजन स्थल शहीद स्मारक पर एकत्र हुए। इसके बाद जुलूस आम सभा में तब्दील हो गया। सभी वक्ताओं ने कहा कि डीएनटी समाज दशकों से सामाजिक उपेक्षा और आर्थिक वंचना का शिकार रहा है।

ये लोग मौजूद थे

अंबेडकराईट पार्टी ऑफ इंडिया (राजस्थान) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.दशरथ हिनूनिया, आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष केसी घुमरिया, सतपाल सिंह बंजारा, एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

यह हैं डीएनटी की प्रमुख मांगें

विमुक्त घुमन्तू एवं अर्द्ध घुमन्तू जनजातियों की 21 सूत्रीय प्रमुख मांगों में अलग से 10 फीसदी आरक्षण देने, हर परिवार को कृषि भूमि देने, 3000 रुपए प्रतिमाह नागरिक आय, आवासीय भूखंड, एक करोड़ रुपए की आर्थिक सुरक्षा योजना, केन्द्रीय आवास एवं राज्य स्तरीय आवास योजना बनाने, 500 करोड़ रुपए का बजट आवंटित करने, विश्वविद्यालय बनाने, इस समुदाय के किसानों को 25 बीघा कृषि योग्य भूमि आवंटित करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।