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राजस्थान में 5 हजार पुरुषों ने पत्नी की प्रताड़ना पर मांगी मदद, सबसे ज्यादा प्रताड़ित आईटी सेक्टर के पुरुष

आमतौर पर घरेलू हिंसा और प्रताड़ना के मामलों में महिलाओं की पीड़ा सामने आती है, लेकिन अब पत्नियों से प्रताड़ित पुरुषों के आंकड़े भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

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एआई से बनाई गई तस्वीर

जयपुर। आमतौर पर घरेलू हिंसा और प्रताड़ना के मामलों में महिलाओं की पीड़ा सामने आती है, लेकिन अब पत्नियों से प्रताड़ित पुरुषों के आंकड़े भी तेजी से बढ़ रहे हैं। राजस्थान सहित देशभर में ऐसे हजारों पुरुष हैं, जो अपनी पत्नियों और ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से मानसिक तनाव में जिंदगी ​जी रहे हैं। पत्नी पीड़ित पुरुषों की मदद के लिए काम करने वाली ‘सेव इंडियन फैमिली’ के आंकड़ों में इसका बड़ा खुलासा हुआ है।

संस्था के अनुसार बीते एक साल में देशभर से 12 लाख से अधिक पुरुषों ने मदद के लिए हेल्पलाइन (8882498498) पर संपर्क किया। इनमें अकेले राजस्थान से 5 हजार से ज्यादा मामले सामने आए है। हैरानी की बात यह है कि इन मामलों में सबसे ज्यादा संख्या आईटी सेक्टर में काम करने वाले पुरुषों की है।

आईटी प्रोफेशनल सबसे ज्यादा निशाने पर

सेव इंडियन फैमिली ने पिछले तीन साल के आंकड़ों का विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि पत्नी की प्रताड़ना झेलने वाले पुरुषों में 31 प्रतिशत आईटी प्रोफेशनल हैं। संस्था का कहना है कि आईटी सेक्टर में काम करने वाले पुरुष आर्थिक रूप से मजबूत माने जाते हैं, इसलिए वे प्रताड़ना के ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनते जा रहे हैं।

दो से तीन करोड़ तक की डिमांड

संस्था के अनुसार कई मामलों में आईटी प्रोफेशनल्स से दो लाख से लेकर तीन करोड़ रुपए तक की मांग की जाती है। नौकरी, सैलरी और मेट्रो शहरों में काम करने का दबाव इन मामलों को और जटिल बना देता है।

प्रोफेशन के अनुसार प्रतिशत

आईटी प्रोफेशनल्स — 31%

मैनेजमेंट एंड मेडिकल — 18%

बिजनेस सर्कल — 12%

शासकीयकर्मी — 10%

मीडिया एंड पीआर — 04%

पुलिस विभाग — 1.5%

अन्य — 23.5%

{देशभर के आंकड़े}

केस 1 — झूठे आरोप लगाए पत्नी ने, कोर्ट ने किया बरी

अजमेर निवासी इंजीनियर ने बताया कि उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष ने उसे प्रॉपर्टी के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पत्नी ने उसके परिवार पर झूठे केस दर्ज कराए। लंबे समय तक कोर्ट में लड़ाई चली, लेकिन बाद में अदालत ने उसे बाइज्जत बरी कर दिया। इस दौरान वह मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव से गुजरता रहा।

केस 2 — जयपुर से बेंगलुरु तक फैला विवाद

दूसरे मामले में जयपुर निवासी एक युवक, जो बेंगलुरु की बड़ी कंपनी में काम करता था। उन्होंने बताया कि उसकी पत्नी से मामूली बातों पर झगड़े होते थे। प्रॉपर्टी पत्नी के नाम थी। विवाद बढ़ने पर पत्नी ने उसे घर से बाहर निकाल दिया। मामले को सुलझाने के लिए संस्था की मीटिंग में पीड़ित ने भाग लिया। फिर कोर्ट से कानूनी लड़ाई में सफलता ​हासिल की। अदालत ने पुनर्विचार के बाद उन्हें घर में रहने का अधिकार और आदेश जारी किया।

शादी में भी आईटी प्रोफेशनल पहली पसंद

संस्था का कहना है कि पिछले 5 से 7 सालों में आईटी प्रोफेशनल्स से जुड़े प्रताड़ना के मामलों में तेजी आई है। इसके पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि शादी के लिए आईटी सेक्टर में काम करने वाले युवक पहली पसंद माने जाते हैं। सोच यह होती है कि लड़की को लग्जरी लाइफ मिलेगी। लेकिन अपेक्षाएं पूरी न होने पर रिश्तों में तनाव बढ़ जाता है।

इनका कहना है …

आईटी सेक्टर में काम करने वाले पुरुष अब प्रताड़ना के आसान शिकार बन रहे हैं। मेट्रो शहरों में काम करने वाले पीड़ित पुरुष बड़ी संख्या में इसमें शामिल हैं। संस्था ऐसे मामलों में पुरुषों की काउंसलिंग कराती है और कानूनी व मानसिक सहयोग उपलब्ध कराती है। समाज को यह समझने की जरूरत है कि प्रताड़ना सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं है। पुरुष भी इससे पीड़ित हो सकते हैं और उन्हें भी समय पर मदद और न्याय मिलना चाहिए।

हनी चौरसिया
सेव इंडियन फैमिली, राजस्थान