
जयपुर/नई दिल्ली। देश के टैक्सी सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। केंद्र सरकार ने 'सहकार से समृद्धि' के मंत्र के साथ 'भारत टैक्सी' ऐप लॉन्च कर दिया है। यह कोई साधारण प्राइवेट कंपनी नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा कोऑपरेटिव (सहकारी) टैक्सी प्लेटफॉर्म है। राजस्थान, जो अपनी पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, वहां इस सेवा का आना न केवल यात्रियों के लिए जेब राहत की खबर होगा, बल्कि हजारों टैक्सी ड्राइवरों के लिए शोषण से आजादी का मार्ग भी है।
'भारत टैक्सी' एक सरकारी और सहकारी मॉडल पर आधारित ऐप है, जिसे ओला और उबर जैसी प्राइवेट कंपनियों के विकल्प के रूप में पेश किया गया है। इसका संचालन 'सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड' द्वारा किया जा रहा है।
- इस ऐप की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें टैक्सी चलाने वाला ड्राइवर (जिसे 'सारथी' कहा गया है) ही इस प्लेटफॉर्म का हिस्सेदार यानी मालिक है।
- जहाँ प्राइवेट कंपनियां हर राइड पर 20% से 30% तक कमीशन काटती हैं, वहीं भारत टैक्सी में ड्राइवर से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा।
राजस्थान एक 'टूरिज्म हब' है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और जैसलमेर जैसे शहरों में विदेशी और घरेलू पर्यटकों की भारी आवाजाही रहती है।
वर्तमान में इस सेवा का दिल्ली-NCR और गुजरात में सफल पायलट ट्रायल पूरा हो चुका है और 5 फरवरी को इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है।
विस्तार योजना: केंद्र सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों के भीतर इसे देश के हर राज्य और शहर में पहुँचाना है।
राजस्थान के 'टॉप' शहर: उम्मीद है कि अगले चरण में राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा जैसे महानगरों में 'भारत टैक्सी' के सपोर्ट सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
राजस्थान के हजारों टैक्सी और ऑटो चालक लंबे समय से प्राइवेट कंपनियों की भारी कमीशन कटौती और 'सर्ज प्राइसिंग' के कारण परेशान हैं। ऐसे में सरकारी 'भारत टैक्सी' उनके लिए ज़्यादा बेहतर विकल्प बन सकती है।
Updated on:
07 Feb 2026 02:33 pm
Published on:
07 Feb 2026 02:16 pm
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