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Rajasthan Roadways: राजस्थान रोडवेज को लेकर आई गुड न्यूज, यात्रियों के लिए शुरू की यह खास सुविधा

राजस्थान रोडवेज ने एक साल में 1,500 नई बसें जोड़ीं, सुविधाएं बेहतर कीं और ग्रामीण सेवा से कमाई बढ़ाई, जिससे निगम अब मुनाफे की ओर बढ़ रहा है।

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जयपुर

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Ankit Sai

Jan 20, 2026

Rajasthan Roadways

राजस्थान रोडवेज फोटो-पत्रिका

जयपुर: लंबे समय से घाटे से जूझ रहा राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) अब बदलाव की राह पर आगे बढ़ता नजर आ रहा है। बीते एक साल में निगम ने बसों की संख्या बढ़ाने, सेवाओं को बेहतर बनाने और संचालन में सख्त अनुशासन लागू करने जैसे कई अहम फैसले किए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, इन कदमों से न सिर्फ आरएसआरटीसी की कार्यप्रणाली में सुधार आया है, बल्कि यह सार्वजनिक परिवहन संस्था अब मुनाफे की दिशा में भी ठोस प्रगति करती दिख रही है।

1,500 नई बसें और यात्री सुविधाओं में आया सुधार

आरएसआरटीसी ने पिछले वर्ष 1,500 नई बसें अपने बेड़े में शामिल की हैं। इससे न सिर्फ बसों की संख्या बढ़ी है, बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधा भी मिलने लगी है। अधिकारियों ने बताया कि राज्यभर के करीब 60 बस स्टैंडों का नवीनीकरण बजट फंड से किया जा रहा है। इन बस स्टैंडों पर साफ-सफाई, सुरक्षा और यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।

इसके अलावा, निगम ने अपनी प्रीमियम सेवाओं में चुनिंदा रूट्स पर बस के अंदर खाना परोसने की सुविधा भी शुरू की है। यात्रियों के मनोरंजन के लिए बसों में एलईडी स्क्रीन लगाने की प्रक्रिया भी चल रही है। इन सभी कदमों का मकसद यात्रियों को कम किराए में ज्यादा आराम और बेहतर अनुभव देना है। आरएसआरटीसी की चेयरपर्सन शुभ्रा सिंह ने कहा कि लंबे समय बाद राजस्थान के यात्रियों को किफायती किराए में विकल्प, आराम और बेहतर सेवाएं देखने को मिल रही हैं।

ग्रामीण सेवा योजना से बदली तस्वीर

आरएसआरटीसी की ‘ग्रामीण सेवा’ योजना को एक बड़ी पहल माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पहले इस योजना पर सरकार को प्रति किलोमीटर 21 रुपये खर्च होने की उम्मीद थी, लेकिन बेहतर प्रबंधन और प्रोत्साहन आधारित मॉडल से यह योजना अब प्रति किलोमीटर 7 रुपये की कमाई कर रही है।

इस योजना के तहत निजी ऑपरेटरों की अनियमित सेवाओं पर निर्भर ग्रामीण इलाकों को अब एक भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिला है। यह मॉडल धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है और आने वाले महीनों में इसे और विस्तार दिया जाएगा।

कमाई में बढ़ोतरी, कर्मचारियों को समय पर मिल रहा वेतन

निगम ने आय में होने वाली लीकेज को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। इसका नतीजा यह रहा कि प्रति किलोमीटर कमाई कोविड से पहले के 30 रुपये से बढ़कर पिछले साल 43 रुपये तक पहुंच गई। सबसे अहम बात यह रही कि कई वर्षों बाद कर्मचारियों को लगातार हर महीने समय पर वेतन मिलने लगा। इससे कर्मचारियों में भरोसा बढ़ा और पहले जो ट्रेड यूनियनें खुलकर आलोचना कर रही थीं, उन्होंने भी सुधार को स्वीकार किया।

भविष्य की तैयारी के तहत आरएसआरटीसी अब इलेक्ट्रिक बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर चुका है। इससे आने वाले समय में निगम का बेड़ा और आधुनिक होगा और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।