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Traffic Rules: जयपुर. अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर चालान कटवाने के बाद उसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। सड़क़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 में संशोधन कर चालान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सख्त बना दिया है। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई चालक चालान का भुगतान तय समय में नहीं करता, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और अन्य संबंधित सेवाएं रोक दी जाएंगी, यहां तक कि वाहन जब्त भी किया जा सकता है।
20 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार अब प्रत्येक चालान पर 45 दिन की समय-सीमा तय की गई है। इस अवधि में वाहन मालिक को या तो चालान राशि जमा करानी होगी या पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आपत्ति दर्ज करानी होगी। समयसीमा में कोई कार्रवाई नहीं होने पर चालान स्वत: स्वीकार मान लिया जाएगा। इसके बाद वाहन को पोर्टल पर ब्लॉक चिह्नित किया जाएगा और लाइसेंस व आरसी से जुड़े कार्य लंबित रहेंगे।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| भुगतान/चुनौती की अवधि | 45 दिन के भीतर अनिवार्य |
| समय पर कार्रवाई नहीं | चालान स्वत: स्वीकार माना जाएगा |
| लंबित चालान का प्रभाव | लाइसेंस और आरसी से जुड़े कार्य रुकेंगे |
| वाहन की स्थिति | वाहन ब्लॉक किया जा सकता है या जब्त हो सकता है |
मंत्रालय ने चालान की सूचना देने की प्रक्रिया भी तय कर दी है। इलेक्ट्रॉनिक चालान तीन दिन में और मैन्युअल चालान 15 दिन में जारी करना अनिवार्य होगा। सभी विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होंगे, जिससे वाहन मालिक अपने खिलाफ जारी चालानों की जानकारी आसानी से देख सकेंगे।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| इलेक्ट्रॉनिक चालान | 3 दिन के भीतर जारी |
| मैन्युअल चालान | 15 दिन के भीतर जारी |
| सूचना माध्यम | एसएमएस और ई-मेल द्वारा सूचना |
| रिकॉर्ड उपलब्धता | सभी विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध |
Published on:
01 Feb 2026 10:31 am

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