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जयपुर में सेना का शक्ति प्रदर्शन, टी-90 भीष्म टैंक, परेड में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना की कार्रवाई झांकी में दिखाई

जयपुर में आर्मी डे परेड की फाइनल रिहर्सल हुई। परेड में अशोक चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित अधिकारी सबसे आगे मार्च करते नजर आए, हेलिकॉप्टर फ्लाईपास्ट, टी-90 भीष्म टैंक का प्रदर्शन किया गया।

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जयपुर

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Ankit Sai

Jan 13, 2026

Rehearsal Parade

Rehearsal Parade - Photo- Dinesh Dabi

जयपुर: राजधानी जयपुर में 15 जनवरी को प्रस्तावित आर्मी डे परेड की तैयारियों के तहत मंगलवार को महल रोड, जगतपुरा पर अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल कराई गई। रिहर्सल की शुरुआत हेलिकॉप्टर फ्लाईपास्ट से हुई। जिसमें 5 हेलिकॉप्टर का काफिला परेड रोड के ऊपर से गुजरा। इस दौरान अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर के साथ स्वदेशी प्रचंड हेलिकॉप्टर भी शामिल रहा। फाइनल रिहर्सल देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग महल रोड पर पहुंचे। जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। 15 जनवरी को इसी मार्ग पर मुख्य आर्मी डे परेड का आयोजन किया जाएगा।

हेलिकॉप्टर फ्लाईपास्ट से हुई शुरुआत

रिहर्सल परेड की शुरुआत हेलिकॉप्टर फ्लाईपास्ट से हुई। पांच हेलिकॉप्टरों का काफिला परेड रोड के ऊपर से गुजरा। जिसमें अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर और स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर प्रचंड शामिल रहे।

टॉरनेडो दल के जवानों ने दिखाए करतब

भारतीय सेना के टॉरनेडो दल के 32 जवानों ने बाइक स्टंट से सभी का ध्यान खींचा। सात मोटरसाइकिलों पर सवार जवानों ने तिरंगा लेकर हैरतअंगेज करतब दिखाए। अशोका पिलर फॉर्मेशन में किए गए स्टंट ने दर्शकों को प्रभावित किया।

ऑपरेशन सिंदूर की झांकी का प्रदर्शन

इस साल परेड में ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित विशेष झांकी भी प्रस्तुत की गई। झांकी के जरिए सेना के साहस, रणनीति और जमीनी स्तर पर की गई कार्रवाई को दर्शाया गया। इसके साथ ही राजस्थान की लोक कला और संस्कृति पर आधारित झांकियां भी शामिल रहीं।

आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन

रिहर्सल के दौरान स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल का मॉडल, संयुक्ता जैमर सिस्टम, बोफोर्स का उन्नत संस्करण धनुष और टी-90 भीष्म टैंक का प्रदर्शन किया गया।

वीरता पुरस्कार विजेताओं ने लीड की परेड

परेड में अशोक चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित अधिकारी सबसे आगे मार्च करते नजर आए। ऑपरेशन सिंदूर में शहीद जवानों को सेना मेडल दिए जाने का रिहर्सल भी किया गया, जो लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, आर्मी कमांडर, सप्त शक्ति कमांड के हाथों किया गया।