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AI की ट्रेनिंग से अपराधियों का खेल खत्म, पुलिस का स्मार्ट तरीका- एल्गोरिदम से पकड़ो अपराधी

AI in Policing India: राजस्थान में भी चल रहा अभियान। सोशल मीडिया पर हथियार लहराने वालों पर सख्त एक्शन। पुलिस की अपील: युवा सावधान रहें, एक रील की खातिर जिंदगी बर्बाद न करें।

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Feb 07, 2026

मोहित शर्मा.

Algorithm Catch Criminals: जयपुर. देश की पुलिस अब अपराधियों को पकड़ने में एआई का उपयोग कर रही है। एल्गोरिदम से अपराधी पकड़े जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियारों की नुमाइश कर अपराध को ग्लैमराइज करने और डर फैलाने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। 'ऑपरेशन शस्त्र' के नाम से शुरू इस मुहिम में 6000 से ज्यादा सोशल मीडिया प्रोफाइल्स की जांच की गई, 61 एफआईआर दर्ज हुईं, 67 वयस्कों को गिरफ्तार किया गया और 15 नाबालिगों को अभिरक्षा में लिया गया। कुल 82-83 लोगों की पकड़ हुई। इस अभियान में 69 अवैध बंदूकें, 93 जिंदा कारतूस और 13 चाकू-धारदार हथियार बरामद किए गए। दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के नेतृत्व में शुरू इस ऑपरेशन में 500 से ज्यादा टीमें और 2000 से अधिक जवान शामिल थे।

सोशल मीडिया एल्गोरिदम को 'ट्रेन' कर आरोपी अकाउंट्स ढूंढे

साउदर्न रेंज के जॉइंट सीपी एसके जैन के अनुसार, "कई लोग सोशल मीडिया पर हथियार दिखाकर डर का माहौल बनाते थे और गाली-गलौज की भाषा इस्तेमाल करते थे। हमने इन्हें टारगेट किया।"ऑपरेशन की खासियत थी उसकी तकनीकी पद्धति। पुलिस ने सोशल मीडिया एल्गोरिदम को 'ट्रेन' कर आरोपी अकाउंट्स ढूंढे।

फॉलोअर लिस्ट और लोकेशन से नेटवर्क मैप किए

पुलिस ने अपराधियों को पकडऩे के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया। फर्जी प्रोफाइल बनाकर मैसेज भेजे गए, फॉलोअर लिस्ट और लोकेशन से नेटवर्क मैप किए गए।

तीन मुख्य स्तंभ

Deterrence(डर पैदा करने वाली गिरफ्तारियां), Disruption (ऑनलाइन क्लस्टर्स तोडऩा) और Direction (युवाओं को काउंसलिंग देकर सही रास्ता दिखाना)।

सिर्फ सजा नहीं, जड़ से समस्या खत्म करने की कोशिश

स्पेशल सीपी (क्राइम) दिल्ली पुलिस देवेश श्रीवास्तव ने कहा कि यह सिर्फ सजा नहीं, जड़ से समस्या खत्म करने की कोशिश है। कई युवा इमिटेशन गन या गैंगस्टर स्टाइल की नकल करके फॉलोअर्स बढ़ाते हैं, लेकिन कानूनी परिणामों से अनजान होते हैं।

गन कल्चर पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम

दिल्ली पुलिस का यह अभियान Gun Culture Crackdown गन कल्चर पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। युवाओं को सलाह दी गई है कि सोशल मीडिया पर हथियार या हिंसा की ग्लोरिफिकेशन Social Media Arms Glorification न करें, वरना कानूनी कार्रवाई होगी।

ऑपरेशन में एआई का इस्तेमाल

ऑपरेशन शस्त्र में दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया एल्गोरिदम को "ट्रेन" किया ताकि वे अपराध से जुड़े कंटेंट को खुद ढूंढ सकें। पुलिस ने घंटों तक इंटेंशनली ऐसे अकाउंट्स का कंटेंट देखा और एल्गोरिदम को "क्राइम-हंटिंग टूल" बनाया। यह एआई/एमएल आधारित तकनीक है, जो पैटर्न रिकग्नाइज करती है और प्रोफाइल्स को फ्लैग करती है। 6000 प्रोफाइल्स की जांच में एआई जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से मदद ली गई, जैसे बिहेवियर एनालिसिस और डिजिटल स्केनिंग। दिल्ली पुलिस ने एआई का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जैसे facial recognition smart glasses (R-Day 2026 के लिए), CCTV में AI analytics, predictive policing, और social media monitoring में। 'ऑपरेशन शस्त्र' में भी यह इंटेलिजेंस-लेड था, जहां AI ने स्केल बढ़ाने में मदद की।

राजस्थान पुलिस भी आगे

राजस्थान पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियार वाली रील्स/फोटो के खिलाफ 2025 में कई क्रैकडाउन किए। जिनमें कोटा, हनुमानगढ़, जयपुर रेंज शामिल हैं।जयपुर पुलिस AI से क्राइम प्रोफाइल ऑटोमैटिक जेनरेट करती है FIR रजिस्टर होते ही, और ट्रैफिक/सर्विलांस में AI-based cameras, face detection इस्तेमाल करती है।

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