
Vitamin B12 deficiency प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)
Health news: इंदौर शहर के एमवायएच अस्पताल में एक माह से घुटनों और कमर दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टर्स के अनुसार, कई मरीजों में विटामिन बी 12 और विटामिन डी की कमी है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और धूप की कमी इन समस्याओं का प्रमुख कारण है। ठंड के बाद ऐसे मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है।
यह परेशानी अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा और कामकाजी वर्ग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है। मरीज इलाज के साथ फिजियोथैरेपी विभाग में भी पहुंच रहे हैं, जहां खानपान बदलने संबंधी सुझाव भी दिए जा रहे है।
एमवायएच के ऑर्थोपेडिक और मेडिसिन विभाग में पहुंच रहे मरीजों को घुटनों के दर्द, कमर में जकड़न, चलने-फिरने में तकलीफ और हाथ-पैरों में झनझनाहट समस्या है। डॉक्टर्स के मुताबिक, मरीजों की ब्लड जांच में 15 से 20 फीसदी में विटामिन बी 12 और डी का स्तर सामान्य या इससे कम पाया गया। विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर होती है, जबकि विटामिन बी 12 की कमी नसों और मांसपेशियों पर असर डालती है, जिससे दर्द और थकान बढ़ जाती है।
एमवायएच मेडिसिन विभाग के डॉ. अशोक ठाकुर ने बताया कि जीवनशैली इस समस्या को और गंभीर बना रही है। फास्ट फूड, प्रोसेस्ड भोजन और अनियमित दिनचर्या से जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। कई लोग धूप में पर्याप्त समय नहीं बिता रहे हैं। इससे विटामिन डी कम हो रहा है। भोजन में विटामिन बी 12 के स्रोत शामिल करना जरूरी है।
फिजियोथैरेपी विभाग के अरुण पाटीदार ने बताया कि मरीजों को इलाज के साथ डॉक्टर्स फिजियोथैरेपी के लिए भी भेजते हैं। थैरेपी से मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, जोड़ों की जकड़न कम होती है और दर्द में राहत मिलती है।
घुटनों व कमर दर्द के मरीज पूरे साल थैरेपी के लिए आते हैं, लेकिन एक माह से इनकी संख्या 10 से 15 फीसदी बढ़ी है। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं, जिन्हें विटामिन बी 12 या विटामिन डी की कमी है। ठंड में पर्याप्त धूप न मिलना या अनियमित दिनचर्या इसका प्रमुख कारण है। थैरेपी के साथ जीवनशैली में सुधार, संतुलित आहार, सुबह की धूप व व्यायाम के बारे में बता रहे हैं। डॉ. मनीष गोयल, प्रभारी, फिजियोथैरेपी विभाग
Published on:
09 Feb 2026 04:51 pm
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