
प्रतीकात्मक तस्वीर
Republic Day 2026: कभी ये दाने दाने के लिए मोहताज थे। पेट भरने के लिए सड़कों पर भीख मांगते थे। जब आत्मसम्मान जागा और सरकारी सिस्टम भी सक्रिय हुआ तो सब कुछ बदल गया। इंदौर के ये शख्स अब गणतंत्र दिवस 2026 के विशिष्ट अतिथि बनाए गए हैं। भिक्षावृत्ति छोड़कर आत्मनिर्भर बने इंदौर के इन लोगों को गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में कर्तव्य पथ पर विशेष अतिथि के रूप में शामिल किया गया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा देशभर से चुने गए 100 नागरिकों में इंदौर के ये 5 प्रतिनिधि शामिल हैं। इन सम्मानितों को हवाई जहाज से दिल्ली भेजा जाएगा।
प्रधानमंत्री के भिक्षावृत्ति मुक्त भारत के संकल्प को सार्थक बनाने में इंदौर के अधिकारियों ने बड़ी मिसाल कायम की है। जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, नगर निगम और संस्था प्रवेश ने अपने समर्पण और मेहनत के बल पर इंदौर को देश का पहला भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाया।
शहर में अब तक करीब 5500 लोगों को भिक्षावृत्ति से बाहर निकालकर पुनर्वासित किया जा चुका है। भारत सरकार की SMILE योजना के तहत ऐसे बच्चों को शिक्षा दिलाई गई। लोगों को नशा मुक्ति और रोजगार से जोड़ा गया और बीमार व मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों का समुचित इलाज कराया गया।
इंदौर के ऐसे 5 लोगों को अब गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल किया गया है। दल की सदस्य 11 वर्षीय आकांक्षा- परिवर्तित नाम, कभी सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर थी पर अब स्कूल की 4 थी क्लास की मेधावी छात्रा के रूप में जानी जाती है। एक अन्य सदस्य गेस्ट हाउस में सम्मानजनक काम कर रही हैं जबकि युवा गणेश मूर्ति बनाकर खासा पैसा कमा रहे हैं। संस्था प्रवेश की प्रतिनिधि रूपाली जैन और रूपेन्द्र दोशी को भी विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा की पहल पर इन लोगों का दिल्ली सफर और भी खास बनाया गया है। कलेक्टर ने इन्हें हवाई जहाज से दिल्ली भेजने की व्यवस्था की है। परेड से पहले इन सभी अतिथियों का प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक के साथ सहभोज भी प्रस्तावित है।
Published on:
24 Jan 2026 06:05 pm
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