
Indian Railway: लंबी दूरी की सुपरफास्ट ट्रेनों में सफर करने वाले स्लीपर कोच यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब उन्हें भी एसी कोच की तरह बेडरोल (चादर, तकिया और कंबल) की सुविधा मिलेगी। रेलवे ने इसकी तैयारी में शुरू कर दी है। यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो अगले तीन माह में यह सुविधा शुरू हो सकती है।
अभी तक ट्रेनों में केवल एसी कोच के यात्रियों को बेडरोल मिलता था। जिसका शुल्क टिकट में ही शामिल रहता था, लेकिन स्लीपर कोच यात्रियों को इस सुविधा से वंचित रहना पड़ता था। यात्रियों की लंबे समय से उठ रही मांग को देखते हुए रेलवे ने स्लीपर कोच में भी बेडरोल देने का फैसला लिया है। यह व्यवस्था दक्षिण रेलवे के चेन्नई मंडल में लागू मॉडल पर आधारित होगी। वहां स्लीपर क्लास में ओवरनाइट ट्रेनों में यह सुविधा दी जा रही है।
उसी तर्ज पर पश्चिम रेलवे में भी प्रयोग किया जाएगा। मध्यप्रदेश के इंदौर से चलने वाली इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस से हो सकती है। यदि यहां यात्रियों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही तो अन्य ट्रेनों में भी इसे लागू किया जाएगा।
स्लीपर कोच में बेडरोल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को दी जाएगी। एजेंसी का कर्मचारी ट्रेन में सफर करेगा और यात्रियों की मांग पर चादर, तकिया और कंबल उपलब्ध कराएगा। इसके लिए यात्रियों को टिकट के अलावा अलग से शुल्क देना होगा।
बेडरोल का किराया 50 से 100 रुपए के बीच रहने का अनुमान है। यात्रियों को पूरा सेट लेने के साथ-साथ अलग-अलग चादर, तकिया या कंबल लेने का विकल्प भी मिलेगा। खास बात यह है कि बेडरोल का शुल्क टिकट में शामिल नहीं होगा।
Published on:
04 Feb 2026 07:11 pm
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