
संकट मोचन हनुमान मंदिर, गदग रोड, हुब्बल्ली।
छह फीट ऊंची एकल पत्थर की हनुमान प्रतिमा मंदिर की विशेष पहचान, हर मंगलवार विशेष अभिषेक
मां के प्रति श्रद्धा और भक्ति को स्थायी रूप देने के उद्देश्य से शहर के वरिष्ठ व्यापारी हरीश महाजन ने अपनी माता स्व. नर्मदा महाजन की स्मृति में गदग रोड पर संकट मोचन हनुमान मंदिर का निर्माण कराया, जो आज श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सेवा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। हरियाणा के रेवाड़ी जिले के धारण गांव के मूल निवासी महाजन का परिवार आजादी से पहले हुब्बल्ली आकर बस गया था। प्रारंभ में परिवार मिष्ठान व्यवसाय से जुड़ा रहा, जबकि वर्ष 1988 से हरीश महाजन ड्राई फ्रूट्स और किराना व्यापार से जुड़े हुए हैं।
धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय
वर्तमान में 77 वर्षीय हरीश महाजन धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वर्ष 2006 में मंदिर की विधिवत प्रतिष्ठा संपन्न हुई। प्रतिष्ठा समारोह पांच दिनों तक चला, जिसे गायत्री मठ के वल्लभ गुरुजी ने वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराया। इस अवसर पर दुर्गदबेल क्षेत्र से मंदिर तक भव्य कलश यात्रा भी निकाली गई।
एक ही पत्थर में बनी प्रतिमा
मंदिर की विशेष पहचान यहां स्थापित छह फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा है, जिसे राणेबेन्नूर में एक ही पत्थर से हाथों से तराशकर तैयार किया गया। प्रतिमा के मध्य भगवान राम की आकृति भी उकेरी गई है। इस भव्य प्रतिमा को तैयार करने में लगभग चार वर्षों का समय लगा। आज मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण स्थल बन चुका है।
विशेष पूजा-अर्चना
मंदिर को बने लगभग दो दशक हो चुके हैं और प्रत्येक वर्ष 2 फरवरी को वार्षिकोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ और विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की जाती है। हर मंगलवार सुबह 8 से 9 बजे तक विशेष अभिषेक किया जाता है, जिसमें दूध, दही, इत्र, गुलाब जल और जल से पूजन होता है। भगवान को प्रसाद और फूलमालाएं अर्पित की जाती हैं तथा विशेष पोशाक और माला धारण कराई जाती है।
भवन व हाल का निर्माण
मंदिर परिसर के निकट ही एक भवन बनाया गया है, जहां बाहर से आने वाले साधु-संत ठहरते हैं। इसके अलावा एक खुला हाल भी निर्मित किया गया है, जहां समय-समय पर गौशाला के लिए चारा संग्रहण जैसे सामाजिक कार्य भी आयोजित होते हैं। मंदिर में प्रतिदिन पूजा-पाठ होता है तथा हनुमान जयंती का उत्सव भी धूमधाम से मनाया जाता है।
सुंदरकांड पाठ कर सादगी से मनाया जन्मदिन
महाजन परिवार का धार्मिक जीवन भी अनुकरणीय रहा है। पिछले वर्ष 17 अगस्त को हरीश महाजन की पत्नी शकुंतला महाजन के 75 वर्ष पूर्ण होने पर परिवार ने किसी होटल या बाहरी आयोजन के बजाय घर पर सुंदरकांड पाठ कर सादगी से जन्मदिन मनाया।
Updated on:
06 Feb 2026 06:11 pm
Published on:
06 Feb 2026 05:10 pm
बड़ी खबरें
View Allहुबली
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
