
हनुमान चालीसा के माध्यम से संस्कार सीख रहे नन्हे बच्चे
भक्ति और अनुशासन जुड़ रही नई पीढ़ी
आज के मोबाइल और डिजिटल दौर में जहां बच्चे अधिकतर समय स्क्रीन पर बिताते हैं, वहीं शहर के शिन्दे कॉम्पलेक्स ए-ब्लॉक में एक सराहनीय पहल देखने को मिल रही है। यहां छोटे-छोटे बच्चे अब धार्मिक गतिविधियों में रुचि लेते हुए नियमित रूप से हनुमान चालीसा का वाचन कर रहे हैं। कॉम्पलेक्स परिसर में स्थित हनुमान मंदिर में हर शनिवार रात 9 से 9.30 बजे तक बच्चे और परिवारजन मिलकर हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ करते हैं। इस दौरान बच्चे श्रद्धा के साथ बैठकर पाठ सीखते और दोहराते हैं।
बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित हो रहे
अभिभावकों का कहना है कि इससे बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित हो रहे हैं और वे धर्म व आध्यात्म से जुड़ रहे हैं। नियमित पाठ से बच्चों का मन शांत रहता है और उनमें अनुशासन भी बढ़ रहा है। मोबाइल और टीवी से दूर रहकर ऐसी गतिविधियों में भाग लेने से बच्चों की आंखों और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मोबाइल के बढ़ते उपयोग के बीच इस प्रकार की पहल बेहद सराहनीय है। बच्चों का कहना है कि हनुमान चालीसा पढऩे से मन को सुकून मिलता है और भगवान का स्मरण करने की आदत भी बन रही है।
भक्ति से जुडऩे का अवसर
रोटरी पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र अल्पेश पटेल ने कहा, पिछले छह महीने से हनुमान चालीसा पढ़ रहा हूं। इससे ईश्वर की भक्ति करने की प्रेरणा मिलती है।
पाठ से मिलती है शांति
महावीर एजुकेशन सोसायटी में सातवीं के छात्र नक्श प्रजापत ने कहा, हनुमान चालीसा के वाचन से मन को शांति मिलती है और भगवान का स्मरण भी होता है। हर शनिवार पाठ में भाग लेना अच्छा लगता है।
हनुमान चालीसा से बढ़ी रुचि
आर्यन्स पब्लिक स्कूल में पांचवी के छात्र हितेश चौधरी ने कहा, पिछले छह महीने से हनुमान चालीसा का वाचन कर रहा हूं और अब कई श्लोक भी याद हो गए हैं। पाठ करने से अच्छा लगता है।
Published on:
07 Feb 2026 07:53 pm
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