28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हिंदी से संस्कार, सृजन और आत्मविश्वास का निर्माण, विश्व हिंदी दिवस पर भाषाई चेतना का सशक्त संदेश

विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर रायनाल स्थित श्री रेवण सिद्धेश्वर कर्नाटक पब्लिक स्कूल (हाईस्कूल विभाग) में हिंदी भाषा को समर्पित विविध रचनात्मक और प्रेरक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल हिंदी के महत्व को रेखांकित करने वाला रहा, बल्कि कर्नाटक जैसे बहुभाषी राज्य में हिंदी की सशक्त उपस्थिति और स्वीकार्यता का भी सजीव उदाहरण बना।

2 min read
Google source verification
विश्व हिंदी दिवस पर आयोजित समारोह में उप प्राचार्य डॉ. रेणुकाताई संतबा की लिखी पुस्तक का विमोचन करते मुख्य अतिथि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (हुब्बल्ली ग्रामीण एवं नवलगुंद) उमेश बम्मक्कनवर।

विश्व हिंदी दिवस पर आयोजित समारोह में उप प्राचार्य डॉ. रेणुकाताई संतबा की लिखी पुस्तक का विमोचन करते मुख्य अतिथि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (हुब्बल्ली ग्रामीण एवं नवलगुंद) उमेश बम्मक्कनवर।

राजस्थान पत्रिका बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम की सबसे खास और प्रेरक झलक तब देखने को मिली, जब आठवीं कक्षा की छात्रा स्पंदना बी. अल्लप्पदवर ने राजस्थान पत्रिका समाचार पत्र से बनी पोशाक पहनकर मंच पर प्रस्तुति दी। यह प्रयोगात्मक पहल विद्यार्थियों के बीच हिंदी अखबार, पठन संस्कृति और भाषा के प्रति आकर्षण जगाने का प्रभावी माध्यम बनी। दर्शकों और अतिथियों ने इसे हिंदी के प्रति रचनात्मक जुड़ाव का अनूठा प्रयास बताया।

हिंदी को जोडऩे का सार्थक प्रयास
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा पौधे को जल अर्पित कर की गई। आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने प्रार्थना प्रस्तुत की, जबकि नवीं की छात्रा मोबिनताज एम. झुंगुंर ने संविधान का वाचन कर राष्ट्रीय एकता और भाषाई समरसता का संदेश दिया। नवीं कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सड़क सुरक्षा पर आधारित नाटिका ने सामाजिक सरोकारों से हिंदी को जोडऩे का सार्थक प्रयास किया।

व्यावहारिक प्रयोग पर जोर
मुख्य अतिथि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (हुब्बल्ली ग्रामीण एवं नवलगुंद) उमेश बम्मक्कनवर ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि देश को जोडऩे वाली सशक्त कड़ी है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के अध्ययन के साथ उसके व्यावहारिक प्रयोग पर भी जोर दिया। ग्राम पंचायत अध्यक्ष रूद्रप्पा मेटी ने परिश्रम और अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया।

पुस्तिका का विमोचन
समारोह की अध्यक्षता कर रहीं उप प्राचार्य डॉ. रेणुकाताई संतबा ने कहा कि हिंदी को रचनात्मक और रोचक तरीकों से प्रस्तुत कर बच्चों को इससे जोडऩा समय की आवश्यकता है। उन्होंने इस अवसर पर अपनी लिखित पुस्तिका का विमोचन भी किया।

हिंदी की गरिमा और उपयोगिता
राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोक सिंह राजपुरोहित ने कहा कि राजस्थान पत्रिका दक्षिण भारत सहित देशभर में हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम में गीत, कविता, भाषण, नाटक और शिक्षण अधिगम सामग्री प्रदर्शनी के माध्यम से हिंदी की गरिमा और उपयोगिता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया तथा विद्यालय की प्राचार्य का जन्मदिन भी उत्साहपूर्वक मनाया गया।