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वर्ष दर वर्ष बढ़ा रहे एमएसपी, आढ़त पर चुप्पी

हनुमानगढ़. एमएसपी के अनुपात में सरकार स्तर पर व्यापारियों को देय आढ़त शुल्क नहीं बढ़ाए जाने से व्यापारी आशंकित हो रहे हैं। इस बार सरकार स्तर पर आढ़तियों की सरकारी खरीद में सहभागिता भी खूब अहम की गई है। इसमें हैंडलिंग आदि कार्य आढ़तियों को देने की तैयारी है।लेकिन आढ़त शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर […]

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हनुमानगढ़: जंक्शन मंडी परिसर।

हनुमानगढ़: जंक्शन मंडी परिसर।

हनुमानगढ़. एमएसपी के अनुपात में सरकार स्तर पर व्यापारियों को देय आढ़त शुल्क नहीं बढ़ाए जाने से व्यापारी आशंकित हो रहे हैं। इस बार सरकार स्तर पर आढ़तियों की सरकारी खरीद में सहभागिता भी खूब अहम की गई है। इसमें हैंडलिंग आदि कार्य आढ़तियों को देने की तैयारी है।
लेकिन आढ़त शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने किसी तरह के संकेत नहीं दिए हैं। ऐसे में व्यापारियों में इसे लेकर काफी चर्चा है। गत दिनों हनुमानगढ़ दौरे पर आए खाद्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव के सामने आढ़तियों ने इस मांग को प्रमुखता से रखा था।
प्रमुख शासन सचिव ने इसे केंद्र सरकार स्तर का मुद्दा बताते हुए पत्राचार करने की बात कही थी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अगले महीने के अंत तक मंडियों में गेहूं की आवक होने लगेगी। इस बार मंडियों में खरीद एजेंसियों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
व्यापारियों का कहना है कि आढ़त श्ुाल्क बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके बाद सरकार स्तर पर वर्ष 2017-18 में एमएसपी के अनुपात में सवा दो रुपए के हिसाब से 41 रुपए 40 पैसे प्रति क्विंटल निर्धारित करके भुगतान किया गया। परंतु अगले वर्ष एमएसपी बढ़ाने के बावजूद सरकार ने आढ़त शुल्क नहीं बढ़ाई। हालात ऐसे हैं कि करीब सात वर्ष बाद भी आढ़तियों को 41 रुपए 40 पैसे प्रति क्विंटल के हिसाब से सात वर्ष पहले जितनी आढ़त शुल्क का भुगतान किया जा रहा है। जबकि वर्तमान एमएसपी के अनुपात में आढ़त राशि 58 रुपए प्रति क्विंटल होने की बात व्यापारी कह रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि आढ़त शुल्क भुगतान को लेकर सरकार ने स्पष्ट मापदंड नहीं बनाए हैं। इस वजह से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। वर्तमान में जिले में एमएसपी पर खरीद शुरू करने से पहले हैंडलिंग कार्य को लेकर टेंडर जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। जिले की मंडियोंं से गत बरसों में प्राप्त हैंडलिंग दरों का मूल्यांकन करके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को भिजवाए गए हैं। इसके अनुसार वर्ष 2023-24 में हैंडलिंग दरें 22.66 रुपए प्रति क्विंटल रहे हैं। इसी तरह वर्ष 2024-25 में 24.09 तथा वर्ष 2025-26 में 24.78 रुपए प्रति क्विंटल रहे हैं। चालू रबी सीजन में आढ़तियों के माध्यम से हैंडलिंग, लोडिंग, सिलाई, मार्का लगाई, तुलाई व भराई आदि कार्य करवाने पर 35 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से शुल्क देने की मांग व्यापारी कर रहे हैं। आढ़त शुल्क भी एमएसपी के अनुपात में देने की मांग व्यापारिक संगठन कर रहे हैं।

इस बार इतना एमएसपी
जिले में वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। बोनस की घोषणा करने की मांग लगातार किसान संगठन सरकार तक पहुंचा रहे हैं। गत वर्ष 150 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकार ने बोनस दिया था। इस बार भी इतने ही बोनस की घोषणा सरकार कर सकती है। इस बार हनुमानगढ़ जिले में 66 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। करीब आठ लाख एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य आवंटित किया गया है। खरीद को लेकर पांच खरीद एजेंसियों को अधिकृत किया गया है। एफसीआई, एनसीसीएफ, नेफेड, तिलम संघ तथा आरएसएफसीएससी को शामिल किया गया है।