
गोलीकांड के बाद खनिज विभाग के अधिकारी एक बार गए देखन, खाली हाथ लौटे, अवैध परिवहन के मामले सबसे ज्यादा पकड़े, खनन पर ध्यान नहीं दिया
बिलौआ की खदानें इन दिनों कानून और प्रशासन के लिए खुली चुनौती बन चुकी हैं। अवैध खनन अपने चरम पर है, माफिया आमने-सामने हैं, गोलियां चल रही हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि खनिज विभाग अब भी खामोशी ओढ़े बैठा है। हालात यह हैं कि बिलौआ क्षेत्र में 30 से ज्यादा जगहों पर अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है और हर दिन करीब 50 लाख रुपए का पत्थर चोरी किया जा रहा है। खनन माफिया ने धरती को इस कदर छलनी कर दिया है कि कई स्थानों पर 300 से 500 फीट तक गहरे गड्ढे हो चुके हैं। इन गड्ढों में भारी मशीनें उतर रही हैं। हाल ही में बिलौआ में पत्थर चोरी को लेकर गोलीकांड हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। इसके बाद खनिज विभाग के अधिकारी एक बार मौके पर जरूर पहुंचे, लेकिन सिर्फ खानापूर्ति कर खाली हाथ लौट आए। न तो अवैध खनन पर कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही गड्ढों की स्थिति का आकलन किया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग का पूरा जोर अवैध परिवहन पकडऩे पर रहा। ट्रकों पर चालान काटे गए, लेकिन जहां से पत्थर निकल रहा है, उन खदानों पर कोई सख्ती नहीं दिखाई गई। न मशीनें जब्त हुईं, न खनन स्थलों को सील किया गया।
112 खनन पट्टे, बंद खदानों में भी खनन
- दरअसल डबरा क्षेत्र में करीब 112 खनन पट्टे दिए गए हैं। यह पट्टे 30 साल के लिए दिए गए हैं। पट्टे के हिसाब से खनन की अनुमति दी गई है। औसतन सालभर में एक लाख घनमीटर तक खनन कर सकते हैं।
- बिलौआ क्षेत्र के स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिलौआ क्षेत्र में 70 जगहों पर खनन की अनुमति है, लेकिन 110 जगहों पर खनन चल रहा है।
- लीज समाप्त होने के बाद खदानें बंद है, लेकिन इनमें खनन किया जा रहा है। क्योंकि ताजे गड्ढे दिख रहे हैं।
निगम सीमा में मुरम की चोरी
-नगर निगम सीमा में पत्थर का उत्खनन बंद कर दिया है। पत्थर की जो खदानें बंद हुई हैं, उनके गड्ढे मौजूद हैं। खनन के बाद गड्ढों को नहीं भरा गया, लेकिन निगम सीमा में मुरम की चोरी हो रही है। मुरम की चोरी बड़े पैमाने पर है। मुरम से माफिया फलफूल रहा है।
- शहर की प्रमुख पहाड़ों से बड़ी मात्रा में मुरम की चोरी हो चुकी है। इनमें जगह-जगह गड्ढे दिख रहे हैं।
अवैध उत्खनन व परिवहन के इतने केस बनाए
विवरण प्रकरण
अवैध उत्खनन 10
अवैध परिवहन 198
अवैध भंडारण 21
(इन केसों में जुर्माना 4.82 करोड़ का लगाया है।)
डबरा क्षेत्र में 112 खनन पट्टे हैं। एक्ट में उल्लेख नहीं है कि कितनी गहराई तक गड्ढा किया जाना है। खदानों का निरीक्षण करने गए थे, लेकिन बारिश चलते कुछ नहीं मिला।
घनश्याम यादव, जिला खनिज अधिकारी
Published on:
06 Feb 2026 11:09 am
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